दोआबा कॉलेज में ‘प्रज्ञा–डीसीजे सेंटर ऑफ एआई एप्लीकेशंस एंड फ्यूचर टेक्नोलॉजीज़’ की स्थापना
जालन्धर, 30 जून, 2026: दोआबा कॉलेज, जालंधर के स्नातकोत्तर कंप्यूटर साइंस एवं आईटी विभाग द्वारा कॉलेज एवं आर्य शिक्षा मंडल के अध्यक्ष चंदर मोहन की दूरदर्शी सोच एवं मार्गदर्शन से प्रेरित होकर ‘प्रज्ञा–डीसीजे सेंटर ऑफ एआई एप्लीकेशंस एंड फ्यूचर टेक्नोलॉजीज़’ की स्थापना की गई। इस नवस्थापित केंद्र का शुभारंभ “स्टडीज़ एंड एकेडमिक सक्सेस के लिए जेनएआई” विषय पर आयोजित एक ऑनलाइन कार्यशाला के साथ किया गया। यह कार्यशाला केंद्र की पहली गतिविधि थी। प्रज्ञा केंद्र की परिकल्पना एक बहुविषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) मंच के रूप में की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा, शोध, नवाचार तथा विभिन्न शैक्षणिक विषयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोगों को बढ़ावा देना है। यह केंद्र विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस–एआई) के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उसके व्यावहारिक उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य करेगा।
उद्घाटन अवसर पर प्रि. डॉ. भंडारी ने शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को भविष्य के अनुरूप कौशल विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को उभरती हुई प्रौद्योगिकियों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करते हुए एआई का लाभ अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और व्यावसायिक उन्नति के लिए उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के संसाधन वक्ता प्रो. गुरसिमरन सिंह ने जेनरेटिव एआई पर अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने अध्ययन, शोध, सामग्री निर्माण, प्रस्तुतियाँ तैयार करने तथा शैक्षणिक उत्पादकता बढ़ाने में विभिन्न एआई टूल्स के प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया। यह सत्र प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं सहभागितापूर्ण रहा।
प्रो. नवीन जोशी, विभागाध्यक्ष, स्नातकोत्तर कंप्यूटर साइंस एवं आईटी विभाग ने कहा कि ‘प्रज्ञा–डीसीजे सेंटर ऑफ एआई एप्लीकेशंस एंड फ्यूचर टेक्नोलॉजीज़’ की स्थापना संस्थान की नवाचार, तकनीकी प्रगति तथा कौशल-आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह केंद्र भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं अन्य उभरती हुई प्रौद्योगिकियों से संबंधित कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अंतर्विषयक परियोजनाओं तथा शोध गतिविधियों का प्रमुख मंच बनेगा।
इस कार्यशाला में लगभग 100 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा इसके व्यावहारिक, ज्ञानवर्धक एवं सहभागितापूर्ण स्वरूप की सराहना की।
दोआबा कॉलेज उच्च शिक्षा में उभरती हुई प्रौद्योगिकियों और भविष्य-केंद्रित पहलों को अपनाकर नवाचार एवं डिजिटल परिवर्तन को निरंतर बढ़ावा दे रहा है, ताकि विद्यार्थियों को डिजिटल युग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाया जा सके।
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