पूर्व सीएम हुड्डा ने बीजेपी पर हरियाणा को पेपर लीक का गढ़ बनाने का आरोप लगाया

कहा, देश में महामारी का रूप ले चुकी है पेपर लीक की समस्या।

पूर्व सीएम हुड्डा ने बीजेपी पर हरियाणा को पेपर लीक का गढ़ बनाने का आरोप लगाया

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पेपर लीक की समस्या देश में महामारी का रूप ले चुकी है। इसलिए कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी के नेतृत्व में, छात्रों की गूंज कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रव्यापी आंदोलन चला रही है।

पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार में लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण अब तक 7.50 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हो चुके हैं। यह समस्या केवल प्रतियोगी परीक्षाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में भी ताबड़तोड़ पेपर लीक हो रहे हैं। बेरोजगारी की स्थिति यह है कि हर साल मात्र 6 लाख नौकरियों के लिए 9 करोड़ युवा आवेदन करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नारा है — शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ, जिसके तहत कांग्रेस पूरे देश में छात्रों की गूंज अभियान ले जा कर लोगों को इस गंभीर मुद्दे के प्रति जागरूक कर रही है।

स्थानीय डी-पार्क स्थित निवास मातूराम भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा ने कहा कि हरियाणा पेपर लीक का गढ़ बन चुका है। यहां नौकरियों की स्थिति और भी बदतर है। ग्रुप ए और ग्रुप बी की नौकरियों में हरियाणा के बजाय अन्य राज्यों के लोगों को तवज्जो दी जाती है। इसके अलावा हरियाणवी युवाओं को रोजगार से वंचित करने के लिए जानबूझकर पद खाली रखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 35% योग्यता का मानदंड को नौकरियों के पद खाली छोड़ने का हथियार बना लिया है। इन सारी साजिशों और धांधलियों के बीच अगर कहीं कोई भर्ती होती भी है तो उसमें पेपर लीक या प्रश्नपत्र में कोई न कोई गड़बड़ी जरूर निकलती है।

नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने भाजपा सरकार के दौरान हुए पेपर लीक का ब्योरा देते हुए बताया कि हरियाणा में 30 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं। इनमें प्रमुख हैं - एचसीएस (2023), सीईटी (2023), एसआई भर्ती (मार्च 2022), डेंटल सर्जन (दिसंबर 2021), पीजीआईएमएस, रोहतक परीक्षा (2025), पुलिस कांस्टेबल भर्ती (अगस्त 2021), ग्राम सचिव भर्ती (12 जनवरी 2021), क्लर्क भर्ती (दिसंबर 2016), बिजली विभाग क्लर्क भर्ती, एक्साइज इंस्पेक्टर (दिसंबर 2016), एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर (जुलाई 2017), कंडक्टर भर्ती (सितंबर 2017), आईटीआई इंस्ट्रक्टर भर्ती, आबकारी इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार भर्ती, पीटीआई भर्ती, एचटेट (नवंबर 2015), केंद्रीय विद्यालय संगठन प्राइमरी टीचर (अक्टूबर 2015), असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज भर्ती घोटाला (फरवरी 2017), B-फार्मेसी पेपर लीक घोटाला (जुलाई 2017), HBSE बोर्ड 10वीं-12वीं पेपर लीक (2025), एचटेट 2026 (जिसमें बिना सील के पेपर बांटे गए और लीक की आशंका जताई गई) आदि।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में 152 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। हरियाणा समेत पूरे देश में पेपर और नौकरियों का सौदा करने वाला एक पूरा रैकेट सक्रिय है। यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि जानलेवा साबित हो रही है। सिर्फ नीट पेपर लीक से परेशान होकर देशभर में 26 अभ्यर्थी आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि नीट री-एग्जाम में भी कई शिकायतें आई हैं, फिर भी सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि इन सब की जिम्मेदारी लेते हुए सबसे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरदस्ती उठाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सरकार का तानाशाही रवैया करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने का अधिकार है। उनकी बात सुनने की बजाय जबरदस्ती उठवाना निंदनीय है।