पराली जलाई तो 15 हजार तक जुर्माना, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

डीसी सतबीर सिंह ने किसानों से अवशेष न जलाने की अपील की।

पराली जलाई तो 15 हजार तक जुर्माना, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

रोहतक, गिरीश सैनी। फसल अवशेष जलाने के मामलों पर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त सतबीर सिंह ने किसानों से अवशेष न जलाने और पर्यावरण हित में इनके उचित प्रबंधन की अपील की है। गांवों में शिविर व नुक्कड़ सभाओं के जरिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।

कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक ने बताया कि सैटेलाइट व विभागीय स्तर पर अवशेष जलाने की निगरानी की जा रही है। पराली जलाने पर 2500 से 15 हजार रुपये तक जुर्माना और पुलिस कार्रवाई का प्रावधान है। निगरानी के लिए प्रशासन, कृषि एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं।

किसान पराली का उपयोग कम्पोस्ट या जैविक खाद बनाने में कर सकते हैं। इसे पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करने के साथ खेत में मल्चिंग कर मिट्टी की नमी भी बचाई जा सकती है। वहीं हैप्पी सीडर, मल्चर, रोटावेटर और रिवर्स प्लॉउ जैसे कृषि यंत्रों से अवशेषों को खेत में ही मिलाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है। ये यंत्र कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर भी उपलब्ध करवाए जाते हैं।