आवारा पशुओं से दुर्घटना की स्थिति में दयालु योजना के तहत मिलेगा आर्थिक सहयोगः एडीसी नरेंद्र कुमार

एक लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान।

आवारा पशुओं से दुर्घटना की स्थिति में दयालु योजना के तहत मिलेगा आर्थिक सहयोगः एडीसी नरेंद्र कुमार

रोहतक, गिरीश सैनी। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने जिला के पीड़ित लोगों से सरकार की दयालु-2 योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया है। योजना को लेकर आयोजित जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सडक़ों पर घूम रहे पशुओं से होने वाली दुर्घटना में किसी भी नागरिक की मृत्यु या दिव्यांगता होने की स्थिति में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। दयालु-2 योजना पोर्टल का सरलीकरण भी किया गया है, ताकि पात्र परिवारों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।

एडीसी नरेंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रदेश में दयालु-2 योजना पोर्टल का शुभारंभ किया जा चुका है। ये पोर्टल सरकार की पारदर्शी एवं सरल सेवा वितरण प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस डिजिटल पहल से पात्र परिवारों को योजना का लाभ अधिक तेजी और सटीकता के साथ उपलब्ध होगा। योजना के तहत स्वीकृत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर संबंधित परिवार को एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, चोट लगने की स्थिति में न्यूनतम 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार का परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। मृत्यु, चोट अथवा दिव्यांगता की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को घटना के दिन से लेकर 90 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। हरियाणा के निवासी जिनके पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) है, उन्हें कुत्ते के काटने अथवा आवारा पशुओं जैसे गाय, बैल, सांड, गधा, कुत्ता, नीलगाय, भैंस आदि के कारण हुई दुर्घटना में मृत्यु/चोट/दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें जंगली एवं परित्यक्त पशु भी शामिल हैं।

आवश्यक दस्तावेजों में मृत्यु के मामले में- मृत्यु प्रमाण पत्र, एफआईआर / डीडीआर की प्रति, जिसमें दर्शाया हो कि दुर्घटना आवारा पशु/जानवर/कुत्ते के काटने के कारण हुई है। विकलांगता की स्थिति में संबंधित जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी/चिकित्सा बोर्ड द्वारा विधिवत जारी किया दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा डिस्चार्ज सारांश, एफआईआर/डीडीआर की प्रति, जिसमें दर्शाया हो कि दुर्घटना आवारा पशु/जानवर/कुत्ते के काटने के कारण हुई है। पशु के हमले/काटने से हुई दिव्यांगता को सिद्ध करने वाले साक्ष्य दस्तावेज/प्रमाण होने चाहिए। इसी प्रकार से चोट की स्थिति में अस्पताल में किए गए उपचार से संबंधित दस्तावेजों की प्रति, पशु के हमले/काटने से हुई दिव्यांगता को सिद्ध करने वाले साक्ष्य दस्तावेज/प्रमाण होना जरूरी है। कुत्ते के हमले का प्रमाण, जिसमें घावों की तस्वीरें, फटे कपड़े व हमले से उत्पन्न अन्य चिह्नों के फोटो शामिल हों। एफआईआर / डीडीआर की प्रति, जिसमें दर्शाया गया हो कि दुर्घटना आवारा पशु/जानवर/कुत्ते के काटने से हुई है। आवेदन dapsy.finhry.gov.in पोर्टल पर कर सकते हैं। मृत्यु/दिव्यांगता (70 प्रतिशत या अधिक) की स्थिति में आयु 0-12 वर्ष तक 1 लाख रुपये, आयु 12 से 18 तक 2 लाख रुपये, आयु 18 से 25 तक 3 लाख रुपये, आयु 25 से 45 तक 5 लाख रुपये तथा आयु 45 से अधिक 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इसी प्रकार से दिव्यांगता (70 प्रतिशत से कम) की स्थिति में (दिव्यांगता का प्रतिशत) मामूली चोट की स्थिति में 10 हजार रुपये, कुत्ते के प्रत्येक दांत के निशान पर 10 हजार रुपये तथा घाव के प्रत्येक 0.2 सेमी. पर न्यूनतम 20 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-2996024 व 01262-257692 पर संपर्क किया जा सकता है।

बैठक में सांपला के एसडीएम उत्सव आनंद, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, आरटीए सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, जिला वन अधिकारी सुंदर सांबरिया (आईएफएस), पुलिस उपाधीक्षक गुलाब सिंह, डीडीपीओ राजपाल चहल, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, नगरपालिका कलानौर के सचिव विनय कुमार, नगरपालिका महम के सचिव नवीन, जिला सांख्यिकी अधिकारी नवदीप व सहायक सांख्यिकी अधिकारी निकिता कुंडू सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।