आवारा पशुओं से दुर्घटना की स्थिति में दयालु-2 योजना के तहत मिलेगा आर्थिक सहयोगः डीसी सचिन गुप्ता
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने आवारा पशुओं से हुई दुर्घटना के पीडि़त लोगों से सरकार की दयालु-2 योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सडक़ों पर घूम रहे पशुओं से होने वाली दुर्घटना में किसी भी नागरिक की मृत्यु या दिव्यांगता होने की स्थिति में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि दयालु-2 योजना पोर्टल का सरलीकरण भी किया गया है, ताकि पात्र परिवारों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रदेश में दयालु-2 योजना पोर्टल का शुभारंभ किया जा चुका है। योजना के तहत स्वीकृत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि दयालु योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर संबंधित परिवार को एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, चोट लगने की स्थिति में न्यूनतम 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार का परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। उन्होंने पात्र नागरिकों का आह्वान किया कि वे आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं।
उपायुक्त ने कहा कि मृत्यु, चोट अथवा दिव्यांगता की स्थिति में योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित व्यक्ति को घटना के दिन से लेकर 90 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। परिवार पहचान पत्र धारक हरियाणा के निवासी को योजना का लाभ मिलेगा यदि उन्हें कुत्ते के काटने अथवा आवारा पशुओं जैसे गाय, बैल, सांड, गधा, कुत्ता, नीलगाय, भैंस आदि के कारण हुई दुर्घटना में मृत्यु/चोट/दिव्यांगता की स्थिति हुई है। इसमें जंगली एवं परित्यक्त पशु भी शामिल हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार दयालु-2 योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। आवश्यक दस्तावेजों में मृत्यु के मामले में- मृत्यु प्रमाण पत्र, एफआईआर / डीडीआर की प्रति, जिसमें दर्शाया हो कि दुर्घटना आवारा पशु/जानवर/कुत्ते के काटने के कारण हुई है। दिव्यांगता की स्थिति में संबंधित जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी/चिकित्सा बोर्ड द्वारा विधिवत जारी किया दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा डिस्चार्ज सारांश, एफआईआर/डीडीआर की प्रति, जिसमें दर्शाया हो कि दुर्घटना आवारा पशु/जानवर/कुत्ते के काटने के कारण हुई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित व्यक्ति को घटना के दिन से लेकर 90 दिन के भीतर पोर्टल पर आवेदन करना होगा। मृत्यु/दिव्यांगता (70 प्रतिशत या अधिक) की स्थिति में आयु 0-12 वर्ष तक 1 लाख रुपये, आयु 12 से 18 तक 2 लाख रुपये, आयु 18 से 25 तक 3 लाख रुपये, आयु 25 से 45 तक 5 लाख रुपये तथा आयु 45 से अधिक 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इसी प्रकार से दिव्यांगता (70 प्रतिशत से कम) की स्थिति में (दिव्यांगता का प्रतिशत)। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-2996024 व 01262-257692 पर संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में सांपला की एसडीएम अंकिता पंवार, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, पुलिस उपाधीक्षक गुलाब सिंह, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, जिला सांख्यिकी अधिकारी नवदीप व सहायक सांख्यिकी अधिकारी निकिता कुंडू, सीएसी के जिला प्रबंधक भूपेंद्र श्योराण सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

