आवारा पशु से हादसा हुआ तो 5 लाख तक मिलेगी मदद, 90 दिन में करना होगा आवेदनः एडीसी नरेंद्र कुमार
रोहतक, गिरीश सैनी। आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में पीड़ित परिवारों को सरकार की दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। दुर्घटना में मृत्यु या 70 प्रतिशत अथवा इससे अधिक दिव्यांगता होने पर पात्र परिवार को एक लाख से पांच लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। चोट लगने पर न्यूनतम 10 हजार रुपये देने का प्रावधान है।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने स्थानीय लघु सचिवालय में दयालु-2 योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए घटना के 90 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। स्वीकृत राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
योजना का लाभ परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में पंजीकृत हरियाणा निवासी को मिलेगा। इसमें आवारा गाय, बैल, सांड, गधा, कुत्ता, नीलगाय, भैंस सहित जंगली व परित्यक्त पशुओं से हुई दुर्घटनाएं तथा कुत्ते के काटने के मामले शामिल हैं।
मृत्यु या गंभीर दिव्यांगता के मामले में आयु के अनुसार सहायता राशि निर्धारित है। 0-12 वर्ष में एक लाख, 12-18 वर्ष में दो लाख, 18-25 वर्ष में तीन लाख, 25-45 वर्ष में पांच लाख और 45 वर्ष से अधिक आयु में तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। मामूली चोट पर 10 हजार रुपये तथा कुत्ते के प्रत्येक दांत के निशान पर 10 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है।
बैठक में प्राप्त आवेदनों पर मुआवजा तय करने को लेकर समिति ने विचार-विमर्श किया। सांपला की एसडीएम अंकिता पुवार तथा महम के एसडीएम विपिन कुमार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। जिला स्तरीय समिति की बैठक में आरटीए सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, पुलिस उपाधीक्षक दलीप सिंह, डीडीपीओ राजपाल चहल, उप-सिविल सर्जन डॉ. सुशीला सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

