निडरता, साहस और आत्मविश्वास ही सफलता की असल कुंजीः कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ
भारतीय सेना में अधिकारी बनने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से किया संवाद
रोहतक, गिरीश सैनी। निडरता, साहस और आत्मविश्वास ही सफलता की असल कुंजी हैं। जीवन में वही युवा आगे बढ़ते हैं, जो चुनौतियों से घबराने की बजाय उनका डटकर सामना करते हैं। ये बात एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने यूथ सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट फॉर ऑल सर्विसेज में भारतीय सेना में अधिकारी बनने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कही। इस दौरान कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल भी मौजूद रहे।
कुलपति ने युवाओं में जोश भरते हुए खासतौर पर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि गांव की मिट्टी से निकलने वाले युवाओं में संघर्ष करने की क्षमता, धैर्य और मेहनत का जज्बा सबसे अधिक होता है, इसलिए गांव से आने वाले विद्यार्थियों को कभी भी खुद को कमजोर या किसी से कम नहीं समझना चाहिए।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो युवा चुनौतियों का सामना हिम्मत और सकारात्मक सोच के साथ करते हैं, वही अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे कठिन परिस्थितियों से घबराने की बजाय उनका डटकर सामना करें और अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा से मेहनत करें।
कुलपति ने कहा कि भारतीय सेना केवल एक करियर नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। सेना में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले युवाओं को मानसिक, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनने के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
इस दौरान कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत, धैर्य और स्पष्ट लक्ष्य ही युवाओं को ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने समय का सदुपयोग करने और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
परियोजना निदेशक प्रो. शालिनी सिंह, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, ब्रिगेडियर हरबीर सिंह, प्रो. दिव्या मल्हान, प्रो. सोनू, निदेशक युवा कल्याण डॉ. प्रताप राठी भी इस दौरान मौजूद रहे।
Girish Saini 

