सुपवा में नाटक -बियोंड द इमेजिनेशन का तीन दिवसीय मंचन
भीड़ के बावजूद व्यक्ति की असुरक्षा व अकेलेपन की दास्तान को दर्शकों ने सराहा।
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक में बुधवार को नाटक -बियोंड द इमेजिनेशन के तीन दिवसीय मंचन के दूसरे दिन फिल्म एवं टेलीविजन फैकल्टी के अभिनय विभाग के छात्रों ने मुंबई जैसे महानगर में भीड़ के बीच रहते हुए बुद्धिजीवी व्यक्ति के स्वयं को अकेला और असुरक्षित महसूस करने की दास्तान को रेखांकित करते हुए प्रभावशाली मंचन किया। वीरवार को होने वाले दो शो के साथ इस नाटक का समापन होगा।
बुधवार को हरियाणा कला परिषद के अतिरिक्त निदेशक बिंदर दनोदा व गगन हरियाणवी ने बतौर अतिथि छात्र कलाकारों की हौसला अफजाई की। जाने-माने लेखक, साहित्यकार महेश एलकुंचवार द्वारा लिखित मराठी के प्रसिद्ध नाटक प्रतिबिंब पर आधारित नाटक -बियोंड द इमेजिनेशन में मुख्य पात्रों में अभिनय विभाग के चौथे सेमेस्टर के छात्र भारती, प्रिंस व पुष्कर शामिल रहे। उन्होंने विभिन्न पात्रों का किरदार निभाते हुए व्यक्ति के बाहरी व भीतरी व्यक्तित्व के टकराव, सामाजिक मुखौटों व वास्तविक पहचान की खोज को दर्शाया। वीरवार को दोपहर 3:30 व शाम 6:30 बजे होने वाले नाटक के दो शो में दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा।
मंचन के दौरान कुलपति डॉ अमित आर्य, डीन अकेडमिक अफेयर्स डॉ अजय कौशिक, एफटीवी के एफसी महेश टीपी, विजुअल आर्ट्स के एफसी विनय कुमार व डिजाइन फैकेल्टी की एफसी डॉ शैली खन्ना सहित अन्य मौजूद रहे। नाटक के निर्देशक एनएसडी से स्नातक सुशील कांत है। प्रॉडक्शन डिजाइन बिपिन गोबाले ने और एनएसडी की ही पूर्व छात्रा पाली फुकॉन ने कॉस्ट्यूम डिजाइन किया। इसका हिंदी अनुवाद वसंत देव ने किया है। साउंड की जिम्मेदारी दीपा वर्मा ने संभाली।
Girish Saini 

