वेतन नियमितीकरण की मांग को लेकर बीपीएसएमवी शिक्षक-कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर
लंबित वेतन के तत्काल भुगतान और वार्षिक वेतन बजट जारी करने की मांग।
रोहतक/गोहाना, गिरीश सैनी। बीपीएस महिला विवि, खानपुर में लंबित वेतन के भुगतान और भविष्य में वेतन नियमित करने की मांग को लेकर शिक्षक संघ और विवि कर्मचारी संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षकों व कर्मचारियों ने मंगलवार से विवि के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलनकारी शिक्षकों व कर्मचारियों ने सरकार से विवि के लिए वार्षिक वेतन बजट जारी करने की मांग की, ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
धरने में प्रो. अशोक, प्रो. संकेत विज, प्रो. श्वेता, प्रो. संदीप, प्रो. सुमन, डॉ. सीमा, डॉ. पंकज और डॉ. आशीष सहित शिक्षक संघ के पदाधिकारी व सदस्य तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। आंदोलन को नियमित, गैर-शिक्षण, संविदा, एचकेआरएन कर्मचारियों और छात्रों का भी समर्थन मिला।
कर्मचारियों ने कहा कि करीब 20 वर्ष पहले महिलाओं को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्थापित विवि आज भी गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा है। उनका आरोप है कि कई महीनों से वेतन लंबित है और वेतन जैसी मूलभूत आवश्यकता पूरी नहीं होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विवि के विकास और रखरखाव कार्य भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि वेतन भुगतान में देरी का प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया है। उनका कहना है कि बार-बार ज्ञापन देने और कुलपति के साथ बैठक करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अनुदान की कमी का हवाला दिया जाता है, लेकिन वेतन के नियमित भुगतान और लंबित बकाया के लिए ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
शिक्षकों ने आंदोलन के तहत अपनी अतिरिक्त जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से छोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अब शांतिपूर्ण आंदोलन और न्यायालय की शरण लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
शिक्षक संघ ने राज्य सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर विवि को लंबित अनुदान जारी करने तथा वार्षिक वेतन बजट की व्यवस्था करने की मांग की। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक लंबित वेतन का भुगतान, वेतन नियमितीकरण और समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।
Girish Saini 

