मात्र एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन बनें पर्यावरण संरक्षणः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

गांव बैंडी में विशेष ग्राम सभा आयोजित

मात्र एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन बनें पर्यावरण संरक्षणः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

यमुनानगर, गिरीश सैनी। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में यमुनानगर जिले की ग्राम पंचायत बैंडी में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य अतिथि, हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने शिरकत की। इस ग्राम सभा में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, गंदे पानी की निकासी तथा नशामुक्त समाज के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

डॉ. चौहान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जल संकट और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को देखते हुए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। पेड़-पौधों का संरक्षण, जल बचत और स्वच्छता को अपनाकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उस दौरान मुख्य अतिथि ने गांव के सरोवर पर स्थित पार्क में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान भी किया।

निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा जनभागीदारी के माध्यम से विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करना सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

डॉ. चौहान ने ग्राम सभा के दौरान जल संरक्षण को लेकर विशेष चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों की सहभागिता से एक विशेष जल संरक्षण समिति के गठन की घोषणा की, जो गांव में घर-घर जाकर लोगों को पानी के महत्व के बारे में जागरूक करेगी। समिति के सदस्य ग्रामीणों को जल की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संचयन अपनाने तथा दैनिक जीवन में पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि आज से ही जल संरक्षण के प्रति गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले समय में जल संकट और अधिक गंभीर रूप धारण कर सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को - जल है तो कल है के संकल्प के साथ जल बचाने की मुहिम में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए।

ग्राम सरपंच बलवान सिंह ने मुख्य अतिथि एवं उपस्थित ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि पंचायत गांव के विकास, स्वच्छता और जनकल्याण के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान ग्राम सचिव संजीव कुमार, स्टेट पंचायत रिसोर्स सेंटर से सलाहकार नीलम छिकारा, एचआरडीआई से सौरभ अरोड़ा सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।