ग्रीन इकोनॉमी के लिए विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण जरूरी

ग्रीन इकोनॉमी के लिए विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण जरूरी

रोहतक, गिरीश सैनी। जवाहरलाल नेहरू विवि, नई दिल्ली के स्कूल ऑफ एनवायरनमेंटल साइंसेज के प्रो. पवन के. जोशी ने कहा कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना समय की जरूरत है। ग्रीन इकोनॉमी एवं सतत विकास पर व्याख्यान में उन्होंने साइलेंट स्प्रिंग, चिपको, अप्पिको और साइलेंट वैली आंदोलनों, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 तथा भारत के पंचामृत लक्ष्यों की जानकारी दी।

उन्होंने ग्रीन, सर्कुलर और ब्राउन इकोनॉमी के संबंध के साथ सीएसआर, ईएसजी, एसडीजी, ग्रीन ग्रोथ और क्लाइमेट फाइनेंसिंग की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए सरकार, उद्योग और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे।

सांयकालीन सत्र में डीन आर एंड डी प्रो. हरीश दूरेजा ने गुणवत्तापूर्ण एवं समस्या-आधारित शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वर्कशॉप डायरेक्टर प्रो. रामफूल ओहल्याण ने वक्ताओं का स्वागत किया।