महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में उद्यमिता की अहम भूमिकाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
प्रतिभागियों ने कौशल विकास और उद्यम स्थापना के गुर सीखे।
नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। उद्यमिता केवल व्यवसाय स्थापित करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और रोजगार सृजन की सशक्त सोच है। ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास आत्मनिर्भर हरियाणा और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करेंगे। ये उद्गार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने उद्यमिता विकास विषय पर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
निदेशक डॉ. चौहान ने कहा कि प्रशिक्षण तभी सार्थक होता है जब उसका प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने महिला संसाधन व्यक्तियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचाएं और ग्रामीण महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आज स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं ने आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है। प्रशिक्षित महिला संसाधन व्यक्ति इस परिवर्तन को और अधिक गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देकर न केवल उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं, बल्कि परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे प्रशिक्षण को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसे ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनाएं।
इस सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिला संसाधन व्यक्तियों की क्षमता का विकास करते हुए उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार करने तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करना रहा। इस दौरान प्रतिभागियों को उद्यम स्थापना, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता, नवाचार, समस्या समाधान, व्यवसाय प्रबंधन तथा आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील मेहता ने कहा कि उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्रतिभागियों में नेतृत्व क्षमता, नवाचार, समस्या समाधान एवं व्यवसाय प्रबंधन संबंधी कौशल विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
नेशनल स्किल इंस्टीट्यूट, पानीपत से विशेषज्ञ एल.पी. भट्ट ने प्रतिभागियों को कौशल विकास, उद्यम स्थापना, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों तथा उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप क्षमता निर्माण पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों की गुणवत्ता जितनी बेहतर होगी, उद्यमिता विकास के परिणाम भी उतने ही प्रभावी होंगे। समापन सत्र में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभवों एवं ज्ञान को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने तथा अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने का संकल्प लिया। इस दौरान संदीप कुमार, कमलदीप सांगवान सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।
Girish Saini 

