दोआबा कॉलेज में महर्षि दयानन्द की 202वीं जन्म जयंति पर सैमीनार का आयोजन
जालन्धर, 12 फरवरी, 2026: दोआबा कॉलेज में महर्षि दयानन्द जी की 202वीं जन्म जयंति के उपलक्ष्य में दोआबा कॉलेज की दिशा कमेटी द्वारा महर्षि दयानन्द सरस्वती और भारतीय मूल्य प्रणाली का पुनरुद्धार विषय पर सैमीनार का आयोजन किया गया । इसमें इतिहास के विभागाध्यक्ष प्रो. सुखविन्द्र सिंह बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित हुए ।
प्रि. डॉ. प्रदीप भण्डारी ने कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के विचारों की प्रासंगिकता वर्तमान में ओर भी अधिक है । महापुरुषों को देखने मात्र से ही मन में एक प्रतिबिंब सा बन जाता है । टुकड़ों में बंटा समाज व आडम्बरों से युक्त समाज की जंजीरों को स्वामी जी ने तोड़ा । शिक्षा के प्रचार-प्रसार में स्वामी जी का बहुमूल्य योगदान रहा है । स्वराज का नारा देने वाले महर्षि जी को हमेशा याद रखा जाएगा । सैमीनार के मुख्य वक्ता प्रो. सुखविन्द्र (अध्यक्ष, इतिहास विभाग) द्वारा महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के जीवन पर समग्र प्रकाश डाला । स्वामी जी ने पाश्चात्य समाज के साथ भारती संस्कृति के मूल्यों को समझाया । उन्होंने गुलामी में जकड़े भारत की आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक स्वतंत्रता की पुरजोर वकालत की । महर्षि ने जीवन-मूल्यों को मानव जीवन का आधार बताया । आर्य समाज द्वारा संस्कृत के साथ-साथ एंग्लो वैदिक संस्कृति का प्रसार किया गया । स्त्री-शिक्षा पर बल देकर नारी जीवन का उत्थान किया । प्रश्नोत्तरकाल में विद्यार्थियों ने रिसोर्सपर्सन से स्वाल पूछ कर अपनी जिज्ञासा को शाँत किया । कार्यक्रम में ह्युमनिटी डिपार्टमैंट के भिन्न-भिन्न विभागों के प्राध्यापकों व विद्यार्थियों ने भाग लिया । कार्यक्रम के अंत में डॉ. ओमिंदर जौहल जी द्वारा सभी का धन्यवाद किया गया । इस मौके पर दिशा कमेटी के डॉ. ओमिंदर जौहल, प्रो. सुखविन्द्र सिंह, डॉ. सुरेश मागो और अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे ।

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