दोआबा कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर “गिव टू गेन” विषय पर संगोष्ठी आयोजित

दोआबा कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर “गिव टू गेन” विषय पर संगोष्ठी आयोजित
दोआबा कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी में परवीन अब्रोल व मीना के. पवार उपस्थिति को सम्बोधित करते हुए ।

जालन्धर, 9 मार्च, 2026: दोआबा कॉलेज के दीप्ति सेल फॉर वुमन डेवलपमेंट एंड प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस को समर्पित “गिव टू गेन” – अर्थात महिलाओं के लिए शिक्षा, सामाजिक भागीदारी और सभी अवसरों में सामानता के मौकों को प्रदान के विषय पर एक सैमीनार का आयोजन किया गया।  इस मौके पर श्रीमती परवीन अब्रोल- अध्यक्ष, एनजीओ दिव्य दृष्टि, जालंधर तथा सुश्री मीना के. पवार, प्रसिद्ध भारतीय वेटलिफ्टर एवं इंचार्ज ट्रैफिक एजुकेशन सेल, जालंधर बतौर रिसोर्स पर्सन उपस्थित हुईं ।
इस सगोंष्ठी का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, उनके अधिकारों और समाज में समानता के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करना था ।
परवीन अब्रोल ने महिलाओं की पहचान, आत्म-स्वीकृति और आत्मविश्वास के महत्व पर जोर दिया । उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व को समझाया और दहेज प्रथा, महिलाओं के अधिकार और लैंगिक भेदभाव जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा की । उन्होंने समाज में महिलाओं के सामने आने वाली जिम्मेदारियों और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला तथा महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा नियमों, महिला थानों, बालिका शिक्षा और कल्याण के लिए सरकारी योजनाओं तथा महिला उद्यमियों और स्टार्ट-अप के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी।
मीना के. पवार ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन का प्रेरणादायक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से निकलकर कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और समर्पण के बल पर जीवन में सफलता प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और दृढ़ निश्चयी बनने के लिए प्रेरित किया तथा अपने सपनों को साहस और निरंतर प्रयास से पूरा करने का संदेश दिया।
प्रि. डॉ. प्रदीप भंडारी ने कहा कि “गिव टू गेन” थीम के अन्तर्गत समाज के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की सामानता पर आधारित भागीदारी होनी चाहिए । उन्होंने यह भी बताया कि कॉलेज में 50 प्रतिशत छात्राएँ पढ़ती हैं और 50 प्रतिशत महिला स्टाफ कार्यरत है, जो संस्था की लैंगिक समानता और महिला शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को बखूबी दर्शाता है ।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रि. डॉ. प्रदीप भंडारी, प्रो. गरिमा चोढ्ढा और प्रो. परमजीत कौर -संयोजको ने दोनो रिसोर्स पर्सन को सम्मान चिन्ह देकर कर सम्मानित किया।
अंत में प्रो. गरिमा चोढ्ढा  ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, अध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।