डीएलसी सुपवाः ईसी बैठक में अगले 10 साल का इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट प्लान मंजूर
छात्रों की प्लेसमेंट के लिए उद्योगों के साथ होंगे एमओयू, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए विशेष कदम।
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक में विभिन्न सुविधाओं को बढ़ाने के एजेंडे को कार्यकारी परिषद (ईसी) ने हरी झंडी प्रदान कर दी है। ईसी में विवि के आगामी 10 साल के इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट प्लान (आईडीपी) को मंजूरी मिली है। एनईपी-2020 के प्रावधानों के तहत तैयार आईडीपी के अंतर्गत शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने में रिसर्च व टेक्नोलॉजी की मदद लेने के साथ ही उद्योगों से एमओयू कर छात्रों की प्लेसमेंट की व्यवस्था बनाई जाएगी।
कुलपति डॉ अमित आर्य ने बताया कि उच्च शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) ने संस्थानों को इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट प्लान बनाने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने बताया कि सुपवा के आईडीपी में व्यवस्था की गई है कि शैक्षणिक मानकों को बढ़ाने व एकेडमिक स्टैंडर्ड को बढ़ावा देने के लिए रिचर्स व टेक्नोलॉजी को अपनाएं, ताकि शिक्षा क्षेत्र में उद्योग गठबंधन, ज्ञान और रिसर्च को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने आईडीपी को सुपवा का एक व्यापक रोड मैप बताते हुए कहा कि इससे सामने दिख रही शैक्षिक चुनौतियों का सामना करने के साथ ही भविष्य की चुनौतियों का भी अनुमान लगाया जा सकेगा।
कुलपति डॉ आर्य ने कहा कि शिक्षा द्वारा बौद्धिक विकास, आर्थिक और सामाजिक प्रगति को ध्यान में रखते हुए एक्सपेंशन प्लान में इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोतरी, स्टूडियो की संख्या और इनमें सुविधाएं बढ़ाना, एडमिनिस्ट्रेटिव सेटअप को और अधिक मजबूत करना, लैब को और अधिक उन्नत करना आदि बिंदू शामिल किए गए हैं।
कुलसचिव डॉ गुंजन मलिक मनोचा ने बताया कि आईडीपी में शामिल बिंदुओं में मुख्य रूप से छात्रों को बढ़िया गवर्नेंस व क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करना, ग्लोबल पहचान के लिए कम्युनिटी से इंगेजमेंट बढ़ाते हुए दूसरी संस्थाओं के साथ पार्टनरशिप, विवि कैंपस को ग्रीन कैंपस बनाना, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए विशेष कदम उठाने, छात्रों की प्लेसमेंट के लिए उद्योगों के साथ एमओयू साइन करना आदि शामिल हैं।

Girish Saini 

