आरएसएसीपीकॉन-2026 में पीजीआईएमएस रोहतक के एनेस्थीसिया विभाग ने जीते 5 पुरस्कार
कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल ने विजेता चिकित्सकों दी बधाई।
रोहतक, गिरीश सैनी। इंदौर में आयोजित रिसर्च सोसायटी ऑफ एनेस्थिसियोलॉजी की 34वीं वार्षिक राष्ट्रीय एवं 5वीं अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आरएसएसीपीकॉन-2026 में पीजीआईएमएस रोहतक के एनेस्थीसिया विभाग ने उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन करते हुए पांच राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार जीते। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के 2000 से अधिक एनेस्थीसिया विशेषज्ञों ने सहभागिता की और साक्ष्य-आधारित शोध पत्र प्रस्तुत किए।
पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल ने सभी चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि निश्चेतन विभाग के चिकित्सकों ने विभागाध्यक्ष डॉ एस.के. सिंघल के मार्गदर्शन में 5 राष्ट्रीय पुरस्कार जीत कर संस्थान का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धि विवि की अकादमिक उत्कृष्टता एवं अनुसंधान-निष्ठ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारे एनेस्थीसिया विभाग के संकाय सदस्यों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर उच्च स्तरीय क्लिनिकल रिसर्च और एविडेंस-बेस्ड प्रैक्टिस का प्रदर्शन किया है। सुरक्षित एनेस्थीसिया एवं प्रभावी पेरी ऑपरेटिव केयर हमारे संस्थान के प्राथमिक लक्ष्य हैं।
निदेशक डॉ एस.के. सिंघल ने कहा कि एनेस्थीसिया, पेरी ऑपरेटिव मेडिसिन का आधारभूत स्तंभ है। ऑपरेशन थिएटर में मरीज की हेमो डायनामिक स्थिरता एवं सुरक्षा एनेस्थेटिस्ट की विशेषज्ञता पर निर्भर करती है। एयरवे मैनेजमेंट, रीजनल एनेस्थीसिया और सिमुलेशन ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों में विभाग द्वारा किया जा रहा शोध क्रिटिकल मरीजों की मोरबिडिटी एवं मोर्टेलिटी कम करने में निर्णायक सिद्ध होगा।
कुलसचिव डॉ रूप सिंह ने कहा कि संस्थान ट्रांसलेशनल रिसर्च एवं अकादमिक प्रकाशन को सतत प्रोत्साहित कर रहा है ओरिजिनल रिसर्च से विकसित होने वाले क्लीनिक प्रोटोकॉल पेरी ऑपरेटिव जटिलताओं को कम करते हैं और मरीज-सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने बताया कि सिमुलेशन फैसिलिटेटर प्रोग्राम के माध्यम से विभाग अब पीजी छात्रों को उच्च-विश्वस्तता वाले सिमुलेटेड परिदृश्यों में क्राइसिस रिसोर्स मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दे सकेगा।
डॉ प्रीति गहलोत ने बताया कि तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में एडवांस एयरवे तकनीक, अल्ट्रासाउंड-गाइडेड रीजनल एनेस्थीसिया, पेरी ऑपरेटिव पेन मैनेजमेंट एवं मरीज सुरक्षा पर केंद्रित वर्कशॉप, लाइव डेमोंसट्रेशन तथा विशेषज्ञ पैनल डिस्कशन आयोजित हुए। प्रो. प्रीति गहलोत ने नेशनल ओरिजिनल रिसर्च पोस्टर प्रेजेंटेशन में प्रथम पुरस्कार हासिल किया। एयरवे मैनेजमेंट कैटेगरी में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ वसुधा गोविल द्वारा प्रस्तुत शोध पत्र को सर्वश्रेष्ठ पेपर के रूप में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ निधि को प्रतिष्ठित आरएसए-जेओएसीपी एडिटोरियल फेलोशिप प्रदान की गई, जो अकादमिक लेखन एवं पीयर-रिव्यू प्रक्रिया में उत्कृष्टता का प्रमाण है। इसके अलावा सिमुलेशन-बेस्ड मेडिकल एजुकेशन के अंतर्गत सिमुलेशन फैसिलिटेटर प्रोग्राम डॉ प्रीति एवं डॉ कनिका सिवाच ने पूर्ण किया, जिससे विभाग में कौशल-आधारित प्रशिक्षण को नया आयाम मिलेगा।
डॉ प्रीति ने बताया कि माय स्टेट - माय प्राइड अकादमिक-सांस्कृतिक प्रतियोगिता में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मनीषा मनोहर ने दूसरा तथा प्रो. दीपिका सीलवाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस कांफ्रेंस में डॉ जतिन लाल, डॉ सुधा, डॉ अंजू रानी, डॉ आशा, डॉ अनुपमा व डॉ मनीषा रानी ने भी अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए।

Girish Saini 

