दिल्ली के उपराज्यपाल संधू ने एमडीयू से दिल्ली-एनसीआर की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनने का आह्वान किया
शिक्षकों से संवाद में पर्यावरण, स्वास्थ्य, कृषि और हरित ऊर्जा पर नवाचार आधारित अनुसंधान की बात कही।
रोहतक, गिरीश सैनी। बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य में स्थानीय, क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय समस्या-मूलक शोध समय की जरूरत है। साथ ही, शिक्षण संस्थानों को उद्योग जगत-कॉरपोरेट जगत के साथ सहभागिता तथा संयुक्त शोध करना चाहिए। आने वाले समय में भारतीय शिक्षण संस्थानों की विशिष्ट पहचान ग्लोबल नेटवर्किंग से होगी। ये उद्गार दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर सरदार तरनजीत सिंह संधू ने शनिवार को एमडीयू में एक विशेष संवाद सत्र में एमडीयू शैक्षणिक समुदाय के समक्ष व्यक्त किए।
ले. गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि महर्षि दयानंद विवि में वैश्विक उत्कृष्टता प्राप्त करने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में एमडीयू की विशेष पहचान है, भविष्य में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में होने की वजह से इस विवि को भौगोलिक लाभ है। उन्होंने कहा कि जैव विज्ञान, हरित ऊर्जा, प्रदूषण निवारण, पर्यावरण संरक्षण, हेल्थ केयर, कृषि क्षेत्र, आदि में समस्या मूलक शोध तथा इन्नोवेशन के लिए टीम एमडीयू को कार्य करना चाहिए। भविष्य में बढ़ती हुई वृद्ध जनसंख्या (बूढ़ों) के लिए असीसेटेड हेल्थ केयर एक गंभीर चुनौती होगी। ऐसे में इस दिशा में भी शोध-अध्ययन तथा समाधान के लिए कार्य करना होगा।
दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने एमडीयू से दिल्ली राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के समग्र विकास के लिए तथा इस क्षेत्र के विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए इन्नोवेशन तथा रिसर्च का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एमडीयू की सहभागिता का दिल्ली एनसीआर प्रशासन स्वागत करेगा। ले. गवर्नर ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को विवि में आमंत्रित कर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा ज्ञान वर्धन कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के जीवन, करियर अनुभव से विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
इससे पूर्व, कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने ले. गवर्नर तरनजीत सिंह संधू का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। प्रो. मिलाप पूनियाँ ने विवि की प्रगति यात्रा, उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यहां के विद्यार्थी न केवल भारतीय सशस्त्र सेना में करियर बना रहे हैं, बल्कि शैक्षणिक जगत, कॉरपोरेट जगत, वित्त, प्रबंधन, उत्कृष्ट शोध, आदि में भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। पूरे भारत में एमडीयू के खिलाड़ियों ने भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन से ओलंपिक, कॉमनवेल्थ तथा एशियन गेम्स में उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने जैव विज्ञान संकाय तथा औषध विज्ञान संकाय साथ समस्या-मूलक शोध परियोजनाएं करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विवि उत्कृष्ट शिक्षण तथा शोध व्यवस्था के लिए रोड-मैप तैयार कर रहा है।
इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान, डीन लाइफ साइंसेज प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, डीन प्रो. प्रदीप अहलावत, डीन प्रो. राजेश पूनिया, एसोसिएट डीन प्रो के.के. शर्मा, विधि विभागाध्यक्षा प्रो. सोनू देहमीवाल ने अपने इनपुट्स रखे। विभिन्न संकाय अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, एसोसिएट डीन, रोहतक जिला के महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा शैक्षणिक प्रतिनिधि इस संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। जिला उपायुक्त सचिन गुप्ता तथा यूएचएसआर के कुलसचिव प्रो. रूप सिंह की विशेष उपस्थिति इस संवाद कार्यक्रम में रही।
दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर सरदार तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि एमडीयू का ग्रीन कैंपस पर्यावरणीय सरोकारों को परिलक्षित करता है। उन्होंने भविष्य में एमडीयू कैंपस में दोबारा आने तथा शिक्षकों-विद्यार्थियों के से संवाद करने की इच्छा जताई।
Girish Saini 


