डीसी सचिन गुप्ता ने किसानों से जल संरक्षण के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया

डीसी सचिन गुप्ता ने किसानों से जल संरक्षण के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने किसानों का आह्वान किया है कि वे हरियाणा सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं का पूरा लाभ उठायें। इसके लिए जिला के सभी किसान खरीफ 2026 की फसलों का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण अवश्य करवाएं।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल खरीफ 2026 सीजन के लिए खोल दिया गया है। किसान समय रहते पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण करवाएं, ताकि योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) योजना के तहत जिला रोहतक को 10 हजार एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को धान की सीधी बिजाई करनी होगी तथा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 15 जून तक पंजीकरण करवाते हुए डीएसआर विकल्प का चयन करना होगा। सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में राज्यभर में 600 डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) मशीनें अनुदान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत जिन किसानों ने गत वर्ष अपने खेतों में धान की फसल का पंजीकरण करवाया था, वे इस बार धान के स्थान पर मक्का, कपास, खरीफ दलहन फसलें, तिलहन फसलें, चारा फसलें, खरीफ प्याज, बागवानी एवं सब्जियां, एग्रोफोरेस्ट्री फसलों की बिजाई करके अथवा खेत खाली छोड़ने पर सरकार से 8000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत जिला रोहतक के लिए 1500 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उपायुक्त ने कहा कि किसान 15 जून 2026 तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाते समय उन किला नंबरों में, जहां गत वर्ष धान की फसल लगाई गई थी, वैकल्पिक फसलों का चयन करने के साथ-साथ मेरा पानी मेरी विरासत विकल्प का चयन अवश्य करें ताकि योजना का लाभ मिल सके।

उप कृषि निदेशक डॉ. सुरेन्द्र सिंह ने कहा है कि डीएसआर तकनीक में प्रति एकड़ लगभग 8 किलोग्राम बीज पर्याप्त रहता है। बीज उपचार के लिए 10 किलोग्राम बीज को 10 लीटर पानी में घोलकर तथा इसमें 10 ग्राम एमिसान या 10 ग्राम कार्बेन्डाजिम तथा 1 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन डालकर बीज को 24 घंटे तक भिगोना चाहिए। इसके बाद बीज को एक से दो घंटे छाया में सुखाना आवश्यक है। खरपतवार नियंत्रण के लिए पेंडीमेथालीन 1.3 लीटर प्रति एकड़ की दर से बिजाई के तुरंत बाद छिडक़ाव करें। यदि सूखी बिजाई की गई हो तो सिंचाई के तीन दिन बाद स्प्रे करें।