डीसी सचिन गुप्ता ने नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए

गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 4.81 लाख से अधिक नागरिकों का हुआ पंजीकरण

डीसी सचिन गुप्ता ने नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार लाते हुए जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। अधिकारी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, नियमित टीकाकरण, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग तथा डेंगू नियंत्रण गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। जिला प्रशासन नागरिकों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान तथा स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि जिला में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्रथम तिमाही एएनसी पंजीकरण 93 प्रतिशत दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पंजीकरण को 100 प्रतिशत तक करने के प्रयास किये जाये। जिला में संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 100 रहा है तथा गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन जांच का कवरेज भी 100 प्रतिशत दर्ज किया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 के दौरान अब तक तीन छापेमारी अभियान चलाए गए हैं तथा दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। कन्या भ्रूण हत्या रोकने एवं लिंगानुपात में सुधार के लिए निरंतर जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

उपायुक्त ने कहा कि जिला की नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 8.73, शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 13.49 तथा पांच वर्ष से कम आयु मृत्यु दर (यू-5 एमआर) 15.87 दर्ज की गई है, जो राज्य औसत से बेहतर है। मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) 79.36 रहा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान एवं प्रबंधन के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष टीकाकरण रविवार अभियान के तहत 15 विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 203 बच्चों तथा 47 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया। शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला में 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 4.81 लाख से अधिक नागरिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिला में उच्च रक्तचाप के 32,088 तथा मधुमेह के 25,935 मरीज नियमित उपचार प्राप्त कर रहे हैं। मुख कैंसर स्क्रीनिंग में 82 प्रतिशत तथा स्तन कैंसर स्क्रीनिंग में 136 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। जिला नागरिक अस्पताल में डे-केयर कैंसर सेंटर एवं डाइट क्लीनिक भी संचालित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल 2026 तक जिला में 557 टीबी रोगियों की पहचान कर उनका उपचार प्रारंभ किया गया है। निक्षय पोषण योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी से जून 2026 तक जिला में केवल एक डेंगू मरीज की पुष्टि हुई है, जबकि मलेरिया एवं चिकनगुनिया का कोई मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में एंटी-लार्वा गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। मई 2026 में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 2,619 मरीजों को परामर्श एवं उपचार सेवाएं प्रदान की गईं। जिला के नशा मुक्ति केंद्र में 395 मरीज पंजीकृत हैं, जिन्हें नियमित काउंसलिंग एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अप्रैल 2026 में जिला के सरकारी अस्पतालों में 3,706 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 1,126 आयुष्मान भारत लाभार्थियों का सफल उपचार किया गया।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। एसडीएच कलानौर में ओपीडी भवन का निर्माण कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। भैणी सुरजन उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी पिलाना, उप स्वास्थ्य केंद्र रिटौली सहित अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। जिला नागरिक अस्पताल रोहतक में विशेष मरम्मत एवं सौंदर्यकरण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।

इस दौरान सहायक आयुक्त प्रशिक्षु विशाल सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कमला वर्मा, उप सिविल सर्जन डॉ. विकास, एसएमओ डॉ. संजीव मलिक, एसएमओ डॉ. सुशीला, डॉ. रणवीर सिंह, डॉ. जीडी शर्मा, एएसएमओ डॉ. नरोतम गोयल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रतिभा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज, डॉ. अनिलजीत त्रेहान सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।