डीसी सचिन गुप्ता ने नशा मुक्ति केंद्रों के रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए

नशे के खिलाफ अभियान तेज, एनडीपीएस मामलों में 84 आरोपी गिरफ्तार।

डीसी सचिन गुप्ता ने नशा मुक्ति केंद्रों के रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के रिकॉर्ड की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों में उपलब्ध दवाइयों का किसी भी परिस्थिति में दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

डीसी सचिन गुप्ता ने जिला पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित के साथ नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा मुक्ति केंद्रों में उपलब्ध दवाइयों, मरीजों को वितरित की गई दवाइयों तथा वर्तमान स्टॉक का पूरा सत्यापन किया जाए। साथ ही ड्रग कंट्रोलर को नियमित रूप से औचक निरीक्षण एवं छापेमारी करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि हाल ही में टिपेंडजोल दवा के दुरुपयोग के मामले में संबंधित दवा विक्रेता की दुकान को सील कर दवाइयों को कब्जे में लिया गया है।

उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले नशे के आदी व्यक्तियों की जानकारी भी नियमित रूप से उपलब्ध करवाई जाए, ताकि नशा विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला की प्रत्येक केमिस्ट शॉप पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सीसीटीवी कैमरे स्थापित होना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत सात आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त किए जा चुके हैं। कुर्क की जाने वाली संपत्तियों का कुल मूल्य 50 लाख 20 हजार 180 रुपये है। इस वर्ष अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 48 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 9 मामले वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित हैं। इन मामलों में कुल 84 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 28 मुख्य सप्लायर शामिल हैं।

डीसी सचिन गुप्ता ने कहा कि नशे के विरुद्ध जिला प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं और इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। जिला पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित ने भी नशा विरोधी अभियान को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। बैठक में महम के एसडीएम विपिन कुमार, जिला जेल अधीक्षक सत्यवान, ड्रग कंट्रोलर मनदीप मान, सिविल सर्जन डॉ. कमला वर्मा, नोडल अधिकारी डॉ. विनीता, महिला बाल विकास की कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी, जिला न्यायवादी सुरेंद्र पाहवा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।