उपायुक्त सचिन गुप्ता ने रैनकपुरा में नवनिर्मित बूस्टर को शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए

नागरिकों को शुद्ध व पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है जिला प्रशासन।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने रैनकपुरा में नवनिर्मित बूस्टर को शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा 2 करोड़ रुपये की लागत से रैनकपुरा में नवनिर्मित बूस्टर व पेयजल पाइप लाइन तथा सलारा मोहल्ला में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बूस्टर तथा प्रस्तावित पेयजल पाइप लाइन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि रैनकपुरा बूस्टर को शीघ्र शुरू कराया जाये तथा सलारा मोहल्ला में निर्माणाधीन बूस्टर के कार्य की गति बढ़ाई जाये।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ रैनकपुरा तथा सलारा मोहल्ला में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ करने के लिए निर्माणाधीन बूस्टरों व प्रस्तावित पाइप लाइन के कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि जिला प्रशासन नागरिकों को पर्याप्त एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने निर्देश दिए कि रैनकपुरा में 2 करोड़ रुपये की अधिक की धनराशि से नवनिर्मित बूस्टर को शीघ्र शुरू करवाये तथा इस क्षेत्र में डाली गई पेयजल पाइप लाइन को जोड़ने का कार्य भी पूर्ण करें ताकि इस क्षेत्र के नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाया जा सके।

उन्होंने इसके बाद सलारा मोहल्ला में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बूस्टर के कार्य का निरीक्षण किया तथा विभाग के अधिकारियों तथा ठेकेदार को इस बूस्टर का निर्माण अगस्त 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पेयजल पाइप लाइन समय पर डाली जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि वे शहर के सभी जलघरों को पानी से भरना सुनिश्चित करें। शहर में कुल पांच जलघर है, जिनमें से आईडीसी स्थित जलघर का हाल ही में निर्माण करवाया गया है तथा यह जलघर ट्रायल रन पर है। शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए विभिन्न स्थानों पर 22 बूस्टिंग स्टेशन भी कार्यरत है। उन्होंने कहा कि साढ़े 16 करोड़ रुपये की लागत से एक परियोजना स्वीकृत करवाई गई है, जिसके तहत शहर में लगभग 45 किलोमीटर पेयजल पाइप लाइन डाली जायेगी। इसमें शहर में क्षतिग्रस्त पेयजल पाइप लाइन को बदलने तथा आवश्यकता अनुसार नई पाइप लाइन डालने का प्रावधान है। यह परियोजना पूर्ण होने के बाद शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति में मदद मिलेगी।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा एक अन्य परियोजना को सरकार से स्वीकृत करवाया गया है। शहर में स्थित सबसे पुराने प्रथम जलघर के पुराने ढांचे के स्थान पर 27 करोड़ रुपये की लागत से नया ढांचा तैयार किया जायेगा तथा नया स्टोरेज टैंक का निर्माण भी करवाया जायेगा। इस स्टोरेज टैंक का निर्माण होने से इस जलघर की क्षमता में वृद्घि होगी तथा लगभग अढ़ाई दिन क्षमता का अधिक पानी भंडारण किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त स्थानीय सोनीपत सडक़ के साथ-साथ जलघर तक आने वाले खुले वाटर चैनल के स्थान पर 4500 मीटर लंबी 900 एमएम की नई पाइप लाइन बिछाई जायेगी तथा इस पाइप लाइन के माध्यम से पानी को पंपों के माध्यम से जलघर तक पहुंचाया जायेगा। उन्होंने कहा कि बोहर गांव में जल भंडारण के लिए साढे 15 एकड़ भूमि चिन्हित कर सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है तथा इसके अतिरिक्त तिलियार झील की 15 एकड़ भूमि में जल भंडारण का प्रस्ताव भी मुख्यालय भिजवाया गया है। इस दौरान जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप सिंह, एसडीई अनिल रोहिल्ला आदि मौजूद रहे।