डीसी सचिन गुप्ता ने राजस्व मामलों के त्वरित निपटान एवं लंबित प्रकरणों में कमी लाने के निर्देश दिए

राजस्व अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

डीसी सचिन गुप्ता ने राजस्व मामलों के त्वरित निपटान एवं लंबित प्रकरणों में कमी लाने के निर्देश दिए

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निपटान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
डीसी सचिन गुप्ता राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

लंबित राजस्व मामलों, भूमि प्रशासन, स्टांप शुल्क प्रकरणों, भूमि अधिग्रहण, शिकायत निवारण तथा एग्रीस्टैक से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि आमजन को त्वरित राहत मिल सके। मई 2026 के दौरान एसडीएम रोहतक न्यायालय में विभिन्न श्रेणियों के 29 मामलों का निपटारा किया गया। एसडीएम सांपला न्यायालय में मई माह के दौरान 5 मामलों का निपटारा किया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर शीघ्र निर्णय सुनिश्चित किया जाए।

राजस्व न्यायालयों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित बंटवारा, गिरदावरी तथा सीमांकन मामलों के निपटान में तेजी लाई जाए। मई 2026 में तहसीलदार रोहतक न्यायालय में बंटवारा के 22 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि नायब तहसीलदार रोहतक न्यायालय में 23 मामलों का निस्तारण हुआ। इसी प्रकार तहसीलदार महम न्यायालय में 16 तथा नायब तहसीलदार महम न्यायालय में 7 मामलों का निपटारा किया गया। उपायुक्त ने बताया कि जिला में विभागीय जांचों की भी नियमित समीक्षा की जा रही है।

भूमि प्रशासन संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अभिलेखों के अद्यतन एवं विवादित मामलों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए हैं। भूमि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि समरगोपालपुर गांव में विभिन्न खसरा नंबरों की भूमि पर सीमांकन की आवश्यकता है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त ने कहा कि एनएच-152डी परियोजना में 96.40 प्रतिशत, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे में 93.40 प्रतिशत तथा एनएच-709 परियोजना में लगभग 93 प्रतिशत मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। शेष मामलों में भूमि स्वामित्व विवाद, विरासत इंतकाल तथा भूमि मालिकों की अनुपस्थिति के कारण भुगतान लंबित है। जिला में एनएचएआई की सभी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि की म्यूटेशन प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।

जन शिकायत निवारण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला की तहसीलों में दस्तावेज लेखकों की पर्याप्त उपलब्धता है। रोहतक में 14, महम में 3, सांपला में 1 तथा कलानौर में 2 वसीका लेखक कार्यरत हैं। दस्तावेजों के लंबित मामलों अथवा प्रशिक्षण संबंधी कोई विशेष समस्या नहीं है।

उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सांपला, कलानौर तथा लाखनमाजरा में गिरदावरी कार्य के लिए नए टैबलेट उपलब्ध कराने तथा रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व न्यायालयों में पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज की जाए तथा जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आम नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो सकें। समीक्षा बैठक में सांपला की एसडीएम अंकिता पुवार, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, महम के एसडीएम विपिन कुमार, तहसीलदार यशपाल शर्मा, दिनेश कुमार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।