डीसी सचिन गुप्ता ने प्रगणकों को मकान सूचीकरण कार्य को गंभीरता से लेते हुए सटीक आंकड़े दर्ज करने के निर्देश दिए
जनगणना के कार्य के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार जिला में डिजिटल जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण का कार्य जारी है। सभी प्रगणक मकान सूचीकरण के कार्य को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित अवधि में पूर्ण करें। जनगणना के कार्य के दौरान बच्चों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होनी चाहिए। मकान सूचीकरण कार्य मकानों से संबंधित सामान्य सूचना डिजिटल रूप से एकत्रित की जा रही है।
डीसी सचिन गुप्ता ने स्कूल संचालकों व प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना का कार्य महत्वपूर्ण है और इन्हीं आंकड़ों के आधार पर देश के विकास के कार्यक्रम तथा कल्याणकारी योजनाएं निर्धारित होंगी। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल मुखिया जनगणना में तैनात प्रगणकों को आवश्यक हिदायत दें कि वे स्कूल समय के उपरांत जनगणना के कार्य को करें।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा प्रगणकों की सुविधा को मद्देनजर रखते हुए एक प्रगणक को 150 से 200 घर ही गणना के लिए दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रगणकों को मकान सूचीकरण के दौरान कोई असुविधा होती है तो वे सुपरवाईजर अथवा चार्ज अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रगणकों की समस्याओं का तुरंत समाधान करवाए। उन्होंने कहा कि जनगणना ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारी 15 मई तक 70 प्रतिशत तक मकान सूचीकरण कार्य को पूर्ण करें ताकि समयबद्ध इस कार्य को पूर्ण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 के कार्य को समय पर पूर्ण करने के लिए जिला में 1731 प्रगणक व 40 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रगणक मकान सूचीकरण के दौरान सही व सटीक आंकड़े डिजिटली रूप से ऐप में दर्ज करें तथा गुणवत्ता का डेटा ही भरें। प्रदेश सरकार द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन 1855 संचालित की जा रही है, जिस पर जनगणना से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस हेल्पलाइन की 4 लाइनें लगातार संचालित की जा रही है।
इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस विशाल सिंह, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मंजीत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चन्द्र, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी तनुमय दत्ता, डीईओ मंजीत मलिक, जिला परियोजना समन्वयक सुमन हुड्डा सहित विभाग के अन्य अधिकारी व निजी स्कूल संचालक/प्राचार्य मौजूद रहे।

Girish Saini 

