फसल कटाई के आंकड़ों से तय होगा बीमा मुआवजा, 10 गांवों में जांच
रोहतक में उपनिदेशक डॉ. सरबजीत सिंह ने जांची प्रक्रिया, शुद्धता पर जोर
रोहतक, गिरीश सैनी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों की पैदावार का आकलन करने के लिए रोहतक जिले में फसल कटाई प्रयोगों की गुणवत्ता जांची गई। निदेशालय पंचकूला के निर्देश पर उपनिदेशक (सांख्यिकी) डॉ. सरबजीत सिंह ने दो दिवसीय दौरे में 10 गांवों में प्रयोगों का निरीक्षण कर आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सांपला खंड के नौनंद व कारोर, रोहतक के मकड़ौली कलां व कुताना, लाखन माजरा के लाखन माजरा व सासरौली, कलानौर के माड़ौधी जाटान व कलानौर तथा महम के सीसर व खरकड़ा गांवों में पांच गुणा पांच मीटर क्षेत्र में फसल कटाई प्रयोगों के माध्यम से उत्पादकता का आकलन किया।
डॉ. सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार सावधानीपूर्वक प्रयोग करने के निर्देश दिए। प्रयोगों के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों, बीमा कंपनी प्रतिनिधियों और किसानों की मौजूदगी में पैदावार दर्ज की जाती है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर फसल उत्पादकता और किसानों के बीमा मुआवजे की गणना होती है। पारदर्शिता व सटीकता बनाए रखने के लिए सभी प्रयोगों का विवरण मोबाइल ऐप पर ऑनलाइन दर्ज करना भी अनिवार्य है।

Girish Saini

