एनेस्थीसिया सिम्युलेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान संकट प्रबंधन, टीम वर्क, संचार बारे दिया प्रशिक्षण
रोहतक, गिरीश सैनी। पीजीआईएमएस, रोहतक के एनेस्थीसिया विभाग द्वारा पहली बार उत्तर भारत में वाइटल एनेस्थीसिया सिम्युलेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऑपरेशन थिएटर के डॉक्टर और सहकर्मियों को संकट प्रबंधन, टीम वर्क, और संचार के बारे में प्रशिक्षण देना था, ताकि वे प्रीऑपरेटिव संकट प्रबंधन कौशल को बढ़ा सकें और सुरक्षित एनेस्थीसिया प्रैक्टिस का पालन कर सके।
कार्यक्रम का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि, कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने प्रीऑपरेटिव रोगी सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया और इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने और एनेस्थीसिया पोस्ट ग्रेजुएट प्रशिक्षुओं के लिए पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कुलपति ने कार्यक्रम को ऑपरेशन थिएटर कर्मियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने कौशल को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने संकट प्रबंधन, इंटर डिपार्टमेंटल टीम वर्क के महत्व पर प्रकाश डाला और इस कार्यक्रम की संरचना और कार्यान्वयन की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में 10 एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, 2 सर्जन, 2 गायनकोलॉजिस्ट, 4 तकनीशियन और 4 नर्सों ने भाग लिया और सिम्युलेशन सिनेरियो में डिफिकल्ट एयरवे, पीडियाट्रिक कंप्लीकेशन्स, ऑब्स्टेट्रिक कंप्लीकेशन्स और ऑपरेशन थिएटर में बर्नआउट को संभालने के बारे में प्रैक्टिस की। इस दौरान हरियाणा मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ सतीश खट्टर, डॉ सुशीला तक्षक, डॉ मोनिका छिक्कारा, डॉ सैलजा, डॉ उमा, डॉ मनोज, डॉ अरुण, डॉ योगिता, और डॉ गीता मौजूद रहे।

Girish Saini 

