सुपवा के विद्यार्थियों का रचनात्मकता ने साहित्योत्सव अक्षरम में मचाई धूम
पेंटिंग, स्कल्पचर, पॉटरी के लाइव प्रदर्शन को मिली जमकर सराहना।
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक के विद्यार्थियों की रचनात्मकता ने जीजेयू, हिसार में आयोजित तीन दिवसीय साहित्योत्सव अक्षरम में जमकर वाहवाही बटोरी। अक्षरम के क्रिएटिविटी पार्टनर के रूप में सुपवा के विद्यार्थियों, संकाय सदस्य व स्टाफ के दल ने कुलपति डॉ. अमित आर्य के नेतृत्व में भागीदारी की। सुपवा के विद्यार्थियों द्वारा पेंटिंग, स्कल्पचर, पॉटरी आदि कलाओं के लाइव प्रदर्शन को खूब सराहना मिली।
कुलपति डॉ अमित आर्य ने हरियाणा का साहित्य और पत्रकारिता में योगदान विषय पर आयोजित संगोष्ठी में अपने अहम विचार साझा किए।
अक्षरम के दौरान सुपवा के विद्यार्थियों ने विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। फिल्म एंड टेलीविजन के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक और शारीरिक गति के मनोभाव का प्रदर्शन किया। एफटीवी के 15 छात्रों ने नशा मुक्ति पर नुक्कड़ नाटक द्वारा नशे के दुष्प्रभावों के साथ ही नशे से समाज को हो रहे नुकसान के बारे में भी बताया। विजुअल आर्ट्स के छात्रों की कलात्मक प्रतिभा ने अतिथियों व हिसार वासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पेंटिंग कोर्स की द्वितीय वर्ष छात्रा लक्षिता जांगड़ा द्वारा बनाई गई विद्या की देवी मां सरस्वती की पेंटिंग की खूबसूरती ने हिसार के एक परिवार को इसे खरीदने को बाध्य कर दिया।
सुपवा के फैकल्टी ऑफ डिजाइन, फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स, फैकल्टी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन व फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर के अंतर्गत विभागों द्वारा स्कल्पचर, चित्रकला, आर्किटेक्चर मॉडल, प्रॉडक्ट डिजाइन में बनाए गए फर्नीचर, लाइफ स्टाइल एसेसरीज में बनाए गए डिजाइन व जूते प्रदर्शित किए गए। एफटीवी के छात्रों की नेशनल व इंटरनेशनल अवार्ड वीनिंग फिल्मों के बारे में पोस्टर से जानकारी दी गई। एनिमेशन विभाग में बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। एडवरटाइजिंग से संबंधित विभिन्न सामाजिक विषयों बेटी बचाओ, पर्यावरण संरक्षण आदि पर बनाए पोस्टर भी प्रदर्शित किए गए। साथ ही, टेराकोटा और सिरेमिक से बने आर्टिस्ट वर्क को भी प्रदर्शित किया गया।

Girish Saini 

