विधानसभा में घोटालों से कानून-व्यवस्था तक सरकार को घेरेंगे कांग्रेसी विधायक

पूर्व सीएम हुड्डा की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक।

विधानसभा में घोटालों से कानून-व्यवस्था तक सरकार को घेरेंगे कांग्रेसी विधायक

रोहतक/चंडीगढ़, गिरीश सैनी। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में सत्र के दौरान उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों और सरकार को घेरने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

कांग्रेस विधायकों ने आईडीएफसी बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, म्युनिसिपल कमेटी पंचकूला समेत विभिन्न कथित घोटालों पर चर्चा के लिए सदन में काम रोको प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया। कौशल रोजगार निगम के तहत युवाओं से कथित वादाखिलाफी, प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते संगठित अपराध को लेकर भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि सफाई कर्मियों के आंदोलन, गुरुग्राम में जलभराव और शहरों व गांवों में बारिश से पैदा हुए जलभराव जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स और कलेक्टर रेट के आधार पर बढ़ते करों, किसानों के मुआवजे, बिजली के निजीकरण, स्मार्ट मीटर, गेस्ट टीचर्स, सफाई कर्मियों और अन्य कर्मचारियों की मांगों तथा विभिन्न आंदोलनों को भी सदन में उठाया जाएगा।

बैठक में हुड्डा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दादरी में सरेआम फायरिंग और कुरुक्षेत्र में डकैती जैसी घटनाओं से प्रदेश में भय का माहौल है। थाने के सामने वारदात होना बताता है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लूट, डकैती, फिरौती, हत्या और फायरिंग जैसी घटनाएं हरियाणा में आम होती जा रही हैं।

नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार के सामाजिक प्रगति सूचकांक में हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य बताया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है, लेकिन भाजपा सरकार इसमें विफल रही है।

उन्होंने गेस्ट टीचर्स के मुद्दे पर कहा कि अदालत ने कांग्रेस सरकार की नीति पर मुहर लगाते हुए गेस्ट टीचर्स के पक्ष में फैसला दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उन्हें तुरंत नियमित कर पक्के कर्मचारियों के समान लाभ दिए जाएं। साथ ही कौशल कर्मियों को भी पक्का करने की मांग उठाई।