कांग्रेसी विधायकों ने खेल व खिलाड़ियों के मुद्दे को लेकर हरियाणा सरकार पर साधा निशाना
युवाओं को एचकेआरएन के तहत ठेका प्रथा में उलझायाः विधायक भारत भूषण बतरा
रोहतक/चंडीगढ़, गिरीश सैनी। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को चंडीगढ़ में एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर खेल व खिलाड़ियों सहित अन्य मुद्दों पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान कुरुक्षेत्र से विधायक अशोक अरोड़ा, विधानसभा में कांग्रेस के उप नेता आफ़ताब अहमद, रोहतक से विधायक भारत भूषण बतरा, विधायक बलवान दौलतपुरिया व नरेश सेलवाल आदि मौजूद रहे।
विधायक अशोक अरोड़ा ने कॉमनवेल्थ खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए पूर्व में कांग्रेस की हुड्डा सरकार की खेल नीति की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश को 35 फीसदी पदक हरियाणा दे रहा है। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार की बेहतरीन खेल नीति के कारण पहले के कॉमनवेल्थ खेलों में 101 में 38 पदक जीते गए, लेकिन आज स्टेडियमों में खिलाड़ी मर रहे हैं, जो सरकार के दावों की पोल खोलता है। उन्होंने मांग की कि कॉमनवेल्थ खेलों की सह मेजबानी हरियाणा को मिले, ताकि खिलाड़ियों को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि आगामी 19 तारीख को कांग्रेस हरियाणा कौशल रोजगार निगम के सामने धरना-प्रदर्शन करेगी।
रोहतक से विधायक भारत भूषण बतरा ने कहा कि कांग्रेस की हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान खेलों को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन कार्य किए गए और आज जो पदक आ रहे हैं, वो खिलाड़ियों और कांग्रेस सरकार की खेल नीतियों का परिणाम है। विधायक बतरा ने सवाल उठाया कि सरकार की संस्था -हरियाणा कौशल रोजगार निगम खुद कैसे कमीशन पर कार्य कर सकती है। उन्होंने इसे कानून के उलट बताया। बतरा ने एचकेआरएन को मेरिट के विपरीत कार्य करने वाली संस्था बताते हुए कहा कि सभी को समान अधिकार नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये निगम पढ़े-लिखे युवाओं का शोषण करने के लिए बनाया गया है, जो ठेका प्रथा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सीईटी, एचटेट परीक्षा पास करने वालों के लिए नौकरी नहीं है, बल्कि युवाओं को कौशल रोजगार निगम के तहत ठेका प्रथा में उलझा रखा है।
कांग्रेस विधायक दल के उप नेता आफ़ताब अहमद ने सवाल किया कि जब देश में सबसे ज्यादा पदक हरियाणा के खिलाड़ी लाते हैं, फिर कॉमनवेल्थ खेल 2030 का आयोजन गुजरात में क्यों? उन्होंने कहा कि देश की महज 2% आबादी वाला हरियाणा, पदकों से देश की झोली भरने में सबसे आगे है।
Girish Saini 

