कर्मचारियों के मुद्दों पर कांग्रेस का विधानसभा मार्च, बैरिकेडिंग पर विधायकों से धक्कामुक्की

कर्मचारियों के मुद्दों पर कांग्रेस का विधानसभा मार्च, बैरिकेडिंग पर विधायकों से धक्कामुक्की

रोहतक/चंडीगढ़, गिरीश सैनी। मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस विधायकों ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर विधानसभा तक मार्च किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधायक सरकार विरोधी नारे लगाते हुए पहुंचे और हाथों में प्लेकार्ड लेकर सफाई कर्मियों, कौशल कर्मियों, गेस्ट टीचर्स, बिजली कर्मियों और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की मांगें उठाई।

कांग्रेस विधायकों ने कौशल निगम कर्मियों को पक्का करने, कौशल निगम बंद कर युवाओं का कथित शोषण रोकने, समान काम-समान वेतन, गेस्ट टीचर्स को नियमित करने और बिजली कर्मचारियों की मांगें मानने की मांग की। इसके अलावा पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, एचपीएससी चेयरमैन को हटाने, नौकरियों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता बंद करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग भी उठाई गई।

कांग्रेस के मुताबिक, विधानसभा की ओर बढ़ रहे विधायकों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और विधायकों के बीच धक्का मुक्की भी हुई।

पूर्व सीएम हुड्डा ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से मांग रखना जनप्रतिनिधियों का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनहित के मुद्दों को दबाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस न डरती है और न पीछे हटती है। कर्मचारियों के मुद्दों को सड़क से सदन तक मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्मचारियों की मांगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।