कुलपति कार्यकाल की पूर्णता पर प्रो. राजबीर सिंह का अभिनंदन

कुलपति कार्यकाल की पूर्णता पर प्रो. राजबीर सिंह का अभिनंदन

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू, रोहतक में कुलपति के रूप में सात वर्षों से अधिक के कार्यकाल की पूर्णता के अवसर पर प्रो. राजबीर सिंह को एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। कुलपति सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम में विवि के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रो. राजबीर सिंह की धर्मपत्नी डॉ. शरणजीत कौर (पूर्व चेयरपर्सन, आरसीआई) भी मौजूद रही।

समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रो. राजबीर सिंह द्वारा कुलपति का कार्यभार संभालने के बाद एमडीयू द्वारा अकादमिक, शोध, प्रशासनिक और छात्र कल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की गई।

डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस.सी. मलिक ने स्वागत संबोधन देते हुए कहा कि प्रो. राजबीर सिंह के मार्गदर्शन में शोध संस्कृति को मजबूती मिली। नि:शुल्क शोध पद्धति कार्यशालाओं, छात्रवृत्तियों, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल, सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप तथा अत्याधुनिक नेक्स्ट-जेन जीनोम सीक्वेंसिंग रिसर्च लैब जैसी पहलें उल्लेखनीय है।

कुलसचिव प्रो. कृष्णकांत ने कहा कि प्रो. राजबीर सिंह ने सदैव संस्थान के हित को सर्वोपरि रखा।

प्रो. राजबीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें विवि का नेतृत्व करने का अवसर चार-चार माननीय राज्यपालों - प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, सत्यदेव नारायण आर्य, बंडारू दत्तात्रेय तथा प्रो. अशीम कुमार घोष के विश्वास के साथ प्राप्त हुआ। उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि किसी भी संस्थान की पहचान उसके पूर्व छात्रों की उपलब्धियों से होती है। ये अत्यंत गर्व का विषय है कि एमडीयू के एक पूर्व छात्र सूर्यकांत देश के सर्वोच्च न्यायिक पद - भारत के मुख्य न्यायाधीश - तक पहुचे हैं।

उन्होंने छात्र कल्याण की पहलों को विवि की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि एमडीयू में छात्रों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों के लिए बनाई गई नीतियां सराहनीय हैं और भविष्य ई-गवर्नेंस, डिजिटल लर्निंग तथा सतत, समग्र मूल्यांकन आधारित शिक्षण प्रणाली में निहित है। स्वर्ण जयंती वर्ष में विवि की सेवा करने को अपने जीवन का गौरवपूर्ण अध्याय बताते हुए प्रो. राजबीर सिंह ने एमडीयू के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रो. सुरेंद्र कुमार द्वारा उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित साइटेशन का वाचन किया गया। निदेशक एफडीसी प्रो. मुनीश गर्ग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।