लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का माध्यम है सामुदायिक रेडियोः डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान

लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का माध्यम है सामुदायिक रेडियोः डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान

चंडीगढ़, गिरीश सैनी। जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश तक उत्तर भारत के लगभग 100 सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता के साथ दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन शुक्रवार को चंडीगढ़ में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन को भारत सरकार के सूचना  एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया।

सामुदायिक रेडियो एसोसिएशन के पूर्व प्रधान राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सम्मेलन के दौरान हरियाणा के सभी सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के प्रतिनिधियों की एक अनौपचारिक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें आपसी तालमेल और समन्वय को सुदृढ़ करने पर सहमति बनी। बैठक में हरियाणा के रेडियो स्टेशनों की स्थानीय समस्याओं तथा उनके निराकरण के ठोस उपायों पर विचार किया गया।

सम्मेलन में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार तथा सामुदायिक रेडियो से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने सामुदायिक रेडियो संचालकों एवं कार्यक्रम निर्माताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समसामयिक समस्याओं के समाधान पर गंभीर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में जहां चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई, वहीं उनके व्यावहारिक समाधान के रास्तों पर भी सकारात्मक संवाद हुआ।

डॉ. चौहान ने रेडियो ग्रामोदय के प्रतिनिधि के रूप में सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष सामुदायिक रेडियो प्रतिनिधियों को मीडिया मान्यता प्रदान किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि मंत्रालय राज्यों के जनसंपर्क निदेशालयों को पत्र लिखकर सामुदायिक रेडियो प्रतिनिधियों को मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करे।

सम्मेलन में अवगत कराया गया कि केंद्र सरकार द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के वित्तपोषण हेतु संचालित सपोर्टिंग कम्युनिटी रेडियो मूवमेंट इन इंडिया योजना को वर्ष 2031 तक विस्तारित कर दिया गया है तथा इसकी संशोधित गाइडलाइन्स शीघ्र जारी की जाएंगी। साथ ही सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंतिम सत्र को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सामुदायिक रेडियो निदेशक शिल्पा राव द्वारा संबोधित किया गया।

सम्मेलन में हरियाणा से रेडियो अरावली के मनीष यादव, दादरी से प्रीतम सिंह, यमुनानगर से मनमोहन सिंह, अंबाला कैंट से भारत सोपारी, राजपाल, इमरान,  प्रीती, भारत, दीक्षा, अमित भाटिया, हिमांशु मेहता सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

समापन सत्र में डॉ. चौहान ने कहा कि सामुदायिक रेडियो लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाला माध्यम है। हरियाणा के सामुदायिक रेडियो ग्रामीण आवाज़ों को बुलंद करते रहेंगे और समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवाद पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के प्रतिनिधियों को राज्यों के जनसंपर्क विभागों द्वारा मीडिया मान्यता दिए जाने की मांग रखते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से इस विषय में राज्यों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए जाएं।