आचरण ही आस्तिकता की असली कसौटी: स्वामी सच्चिदानंद

आचरण ही आस्तिकता की असली कसौटी: स्वामी सच्चिदानंद

रोहतक, गिरीश सैनी। आर्य पारिवारिक सत्संग सभा के तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय चतुर्वेद शतकम विशिष्ट यज्ञ के दूसरे दिन राजस्थान से आए स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि हमारा आचरण ही आस्तिकता की कसौटी है। सृष्टि की व्यवस्था से ईश्वर का ज्ञान होता है। ईश्वर सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी और निराकार है तथा किसी के साथ पक्षपात नहीं करता। यज्ञ ब्रह्मा आचार्य शक्तिदेव ने यजुर्वेद मंत्रों से यज्ञ संपन्न करवाया। जालंधर के भजन उपदेशक पं. राजेश ने भजनों से ईश्वर की महिमा का गुणगान किया। मंत्री सचिन दुआ ने बताया कि यज्ञ की पूर्णाहुति रविवार शाम तीन बजे होगी।