इलेक्ट्रिक वाहन मार्केटिंग शोध में चीन पहले, भारत दूसरे स्थान पर
एमडीयू के शोधकर्ताओं का अध्ययन अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित, 396 शोध पत्रों का विश्लेषण
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च (इमसार) की शोधकर्ता प्रो. दिव्या मल्हान, सिमरन सहगल और रूबी गोठवाल का शोध पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल विजन: द जर्नल ऑफ बिजनेस पर्सपेक्टिव में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में इलेक्ट्रिक वाहनों की मार्केटिंग से जुड़े वैश्विक शोध रुझानों का विश्लेषण किया गया है। इसमें चीन पहले और भारत दूसरे स्थान पर रहा।
शोध पत्र में वर्ष 2000 से 2026 के बीच प्रकाशित 396 शोध पत्रों का विश्लेषण किया गया। निष्कर्षों के अनुसार, 2018 के बाद इस क्षेत्र में शोध की गति तेज हुई। उपभोक्ताओं की पसंद, वाहन खरीदने का निर्णय, आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण प्रमुख शोध विषय रहे।
शोधकर्ताओं ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनियों को आर्थिक बचत, पर्यावरणीय लाभ और उपयोग में आसानी के प्रति ग्राहकों को जागरूक करना होगा। पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन और अनुकूल सरकारी नीतियां भी इसकी स्वीकार्यता बढ़ाने में अहम हैं।
जर्नल का प्रकाशन सेज पब्लिकेशंस, मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमडीआई), गुरुग्राम के सहयोग से करता है। यह स्कोपस और वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध है।

Girish Saini

