सुशासन और प्रभावी सेवा वितरण की सबसे मजबूत आधारशिला है क्षमता विकासः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

एचआईआरडी में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू।

सुशासन और प्रभावी सेवा वितरण की सबसे मजबूत आधारशिला है क्षमता विकासः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि प्रशिक्षित एवं संवेदनशील अधिकारियों की कार्यशैली से सुनिश्चित होती है। क्षमता विकास ही सुशासन और प्रभावी सेवा वितरण की सबसे मजबूत आधारशिला है। ये उद्गार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान (एचआईआरडी) के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने विभिन्न राज्यों से खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों एवं कार्यकारी अभियंता के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ एचआईआरडी निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम समन्वयक कमलदीप सांगवान ने स्वागत संबोधन किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

निदेशक डॉ. चौहान ने कहा कि खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ग्रामीण विकास की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने वाली सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कड़ी हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकता है, जब अधिकारी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नवाचार के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, नवीन तकनीकों, व्यवहारिक अनुभवों एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अपनाकर अधिकारी न केवल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित कर सकते हैं, बल्कि ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं विकासोन्मुख बनाते हुए ग्रामीण भारत के समग्र और सतत विकास को नई दिशा एवं नई गति प्रदान कर सकते हैं।

कार्यक्रम समन्वयक कमलदीप सांगवान ने बताया कि इस छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं, पंचायत प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, सुशासन, डिजिटल नवाचार तथा व्यवहारिक अध्ययन से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने दायित्वों का अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी ढंग से निर्वहन कर सकें।

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद से डॉ. आकांक्षा शुक्ला तथा डॉ. सुचारिता पुजारी ने कहा कि क्षमता विकास कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि अधिकारियों की कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता तथा जनसेवा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवहारिक अध्ययन, नवाचार, सुशासन एवं ग्रामीण विकास की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से अवगत कराया जाएगा, जिससे वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में योजनाओं का अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकें।

इस दौरान एचआईआरडी से संदीप कुमार, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान से सलाहकार गुरविंदर सिंह, बीडीपीओ ऋषभ, अनु, राकेश सिंह, आशुतोष, सोमवीर खटकड़ सहित अधिकारी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।