शैक्षणिक सत्र 2024-25 से जीजेयू में बीएससी-बीएड तथा बीए-बीएड की पढ़ाई होगी

एनसीटीई द्वारा आईटीईपी के लिए चयनित।

शैक्षणिक सत्र 2024-25 से जीजेयू में बीएससी-बीएड तथा बीए-बीएड की पढ़ाई होगी

हिसार, गिरीश सैनी। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से बीएससी-बीएड तथा बीए-बीएड कोर्स पढ़ाए जाएंगे। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन, नई दिल्ली (एनसीटीई) द्वारा गुजवि को इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के लिए चयनित किया गया है।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि आईटीईपी के तहत बीएससी-बीएड तथा बीए-बीएड कोर्स के लिए 50-50 सीटें निर्धारित की गई हैं। गुजवि के शिक्षा विभाग के तहत ये कोर्स संचालित किए जाएंगे। शिक्षा मंत्रालय के एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत कौशलयुक्त शिक्षक तैयार करने के लिए ये कोर्स शुरू किए गए हैं।   

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि गुजवि में संचालित कला, प्रबंधन, विज्ञान व तकनीक के विषयों के अध्ययन के साथ-साथ भविष्य के अध्यापकों में संबंधित शैक्षणिक कौशल को विकसित किया जाएगा।

शिक्षा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. वंदना पूनिया ने बताया कि बीएससी-बीएड तथा बीए-बीएड कोर्सों में आधुनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। डिजिटल लर्निंग तकनीक तथा नई पेडोलॉजिकल स्किल्स इन कोर्सों में मुख्य रूप से लागू की जाएंगी।

बॉक्स-

30 अप्रैल तक करने होंगे आवेदन

इस चार वर्षीय इंटिग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को 30 अप्रैल तक आवेदन करना होगा। विद्यार्थी राष्ट्रीय शिक्षा एजेंसी (एनटीए) की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। 12 जून को दाखिले के लिए नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एनसीईटी) होगा। दो से चार मई के बीच विद्यार्थी अपने फार्म में संशोधन कर सकेंगे। आईटीईपी दोहरा मेजर कार्यक्रम है, जिसमें पहला मेजर स्कूल शिक्षा से संबंधित है, जबकि दूसरा मेजर निश्चित विषय से संबंधित है। प्रवेश परीक्षा में भाषा, सामान्य ज्ञान, टीचिंग एप्टीट्यूड तथा निश्चित विषय के चार सेक्शन होंगे।