बीएमयू को दो दर्जन से ज्यादा नए रोजगारोन्मुखी एवं अत्याधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी मिली
एनईपी के अनुरूप आधुनिक एवं कौशल आधारित शिक्षा का नया केंद्र बनेगा बीएमयूः महंत बालकनाथ योगी
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बाबा मस्तनाथ विवि, अस्थल बोहर को दो दर्जन से अधिक नए रोजगारोन्मुखी एवं अत्याधुनिक पाठ्यक्रम संचालित करने की स्वीकृति (एनओसी) प्रदान की है। इनमें से प्रथम चरण में 17 नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को नई तकनीकों, उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं तथा वैश्विक रोजगार बाजार के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध होगी।
कुलाधिपति महंत बालकनाथ योगी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार से मिली ये मंजूरी विवि की शैक्षणिक उत्कृष्टता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि विवि का उद्देश्य मात्र डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे दक्ष, कुशल एवं सक्षम युवा तैयार करना है जो देश-विदेश के उद्योगों, शोध संस्थानों तथा सरकारी एवं निजी क्षेत्रों की आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।
उन्होंने बताया कि सरकार की मंजूरी के अनुसार बी.वोक. इंजीनियरिंग के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के तीन वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक शाखा में 40-40 विद्यार्थियों के प्रवेश की अनुमति मिली है। इसके अलावा, बी.वोक. मैनेजमेंट के अंतर्गत फाइनेंशियल सर्विसेज एवं सेल्स एंड मार्केटिंग के तीन वर्षीय पाठ्यक्रमों में भी 40-40 सीटें स्वीकृत की गई हैं। वहीं पीजी डिप्लोमा इन साइबर लॉ के एक वर्षीय पाठ्यक्रम में 50 विद्यार्थियों के प्रवेश की मंजूरी मिली है।
महंत बालकनाथ योगी ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में भी अनेक नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे, जिनमें वेब डिजाइनिंग एवं डेवलपमेंट, साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस एवं एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) तथा मोबाइल ऐप डेवलपमेंट शामिल हैं। इसके अलावा बीएससी फॉरेंसिक साइंस पाठ्यक्रम भी शुरू होगा, जिससे अपराध अनुसंधान एवं वैज्ञानिक जांच के क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार किए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, जीवन विज्ञान और समाज की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिप्लोमा इन साइकोलॉजी, बैचलर इन साइकोलॉजी, एमए साइकोलॉजी, एमएससी बायोकेमिस्ट्री तथा एमएससी पब्लिक हेल्थ जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
महंत बालकनाथ योगी ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। विवि इन क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देकर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। वहीं मनोविज्ञान, जन स्वास्थ्य और फॉरेंसिक साइंस जैसे विषय समाज की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि सभी तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन एआईसीटीई तथा अन्य संबंधित नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा। आवश्यकतानुसार संबंधित परिषदों से स्वीकृति प्राप्त कर सभी निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
कुलाधिपति ने कहा कि बाबा मस्तनाथ विवि प्रदेश की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से विवि के विभिन्न पाठ्यक्रमों में छात्राओं के लिए निःशुल्क शिक्षा की विशेष योजना संचालित की जा रही है।
Girish Saini 


