बीएमयू में पृथ्वी संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
रोहतक, गिरीश सैनी। बाबा मस्तनाथ विवि, अस्थल बोहर के एसबीएमएनआईईटीआर तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में पृथ्वी संरक्षणः सतत विकास एवं पर्यावरणीय चेतना की अनिवार्यता विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता तथा ऑनलाइन व्याख्यान में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बतौर मुख्य वक्ता प्रो. ऋषि गोयल, तथा डॉ. राजेश सैनी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पृथ्वी मानव जीवन का मूल आधार है, किंतु वर्तमान समय में अनियंत्रित औद्योगिकीकरण, तीव्र शहरीकरण तथा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरणीय संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय संकटों का सामना करना पड़ सकता है।
वक्ताओं ने सतत विकास की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि विकास का स्वरूप ऐसा होना चाहिए जो वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के संसाधनों की भी रक्षा कर सके।
पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया। शिवानी, वंशिका, माही, प्रियांशु, तनु व तनिका के पोस्टर सराहे गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्चना ने किया। डॉ. सीमा ने गायत्री मंत्र का उच्चारण किया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास से डॉ. रोहतास, डॉ. शोभा, प्रो. देवी भूषण, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. बिहारी सहित अनेक गणमान्य जन मौजूद रहे।

Girish Saini 

