शिव धनुष टूटते ही जयकारों से गूंजा रामलीला मैदान, परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां
सीता स्वयंवर के मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर, रामलीला महोत्सव में उमड़ रहे दर्शक
रोहतक, गिरीश सैनी। पुरानी आईटीआई मैदान में श्री रामलीला उत्सव कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के शिव धनुष तोड़ते ही मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखे संवादों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
डॉ. स्वामी परमानंद महाराज के सान्निध्य में कमेटी के मुख्य संरक्षक राजेश जैन सहित अन्य अतिथियों ने फीता काटकर और रिमोट का बटन दबाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद संगीतमय हनुमान महाआरती हुई। कमेटी सदस्यों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
मंचन में दिखाया गया कि स्वयंवर में रावण सहित अनेक राजा शिव धनुष उठाने में असफल रहे। महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा पर श्रीराम ने धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई तो वह टूट गया। इसके बाद सीता ने श्रीराम को वरमाला पहनाई। धनुष टूटने पर क्रोधित परशुराम और निर्भीक लक्ष्मण के संवादों ने विशेष आकर्षण पैदा किया।
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मेले में बेड़मी पूरी सहित लजीज व्यंजनों और अन्य सामान के स्टालों पर खरीदारी के लिए नागरिकों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं बच्चों के लिए लगाए गए झूले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यूएचएसआर एवं सोटो सहित विभिन्न संस्थाओं के जागरूकता स्टालों पर रक्तदान, अंगदान, देहदान, जैविक खाद और पौधारोपण के प्रति जागरूक करते हुए लोगों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

Girish Saini

