पद नहीं, कर्तव्यनिष्ठा से बनती है अधिकारी की पहचानः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
केंद्रीय सचिवालय के अनुभाग अधिकारियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न।
नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि प्रशासनिक सेवा में पद और अधिकार से अधिक महत्वपूर्ण कर्तव्य के प्रति निष्ठा है। अधिकारियों को व्यक्तिगत लाभ और प्रशंसा से ऊपर उठकर ईमानदारी, निष्पक्षता और जनहित की भावना से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। वे केंद्रीय सचिवालय के अनुभाग अधिकारियों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए डॉ. चौहान ने कहा कि भगवद्गीता का कर्म संदेश अधिकारियों को कठिन परिस्थितियों में भी विवेकपूर्ण निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय व्यक्तिगत भावनाओं और दबावों से ऊपर उठकर शांत मन से लिए जाने चाहिए। सही निर्णय वही है, जो नियमों के अनुरूप होने के साथ व्यापक जनहित को भी ध्यान में रखे।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों के लिए जमीनी परिस्थितियों को समझना बेहद जरूरी है। सरकारी योजनाओं की सफलता केवल कागजी रिपोर्टों में नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों में क्षेत्रीय जरूरतों, लाभार्थियों की समस्याओं और योजनाओं के धरातलीय प्रभाव को समझने की क्षमता विकसित होना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशासन और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। भादसो गांव में आयोजित एक्सपोजर विजिट में प्रशिक्षणार्थियों ने ग्रामीणों से संवाद किया और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना समेत केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को करीब से समझा।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में कक्षा आधारित सत्रों के साथ व्यावहारिक गतिविधियों को भी शामिल किया गया। सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान, नई दिल्ली के रोशन कुमार मिश्रा ने अधिकारियों से निरंतर सीखने, संवेदनशील दृष्टिकोण और प्रभावी कार्यशैली विकसित करने का आह्वान किया।
समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और संस्थान की प्रशिक्षण सुविधाओं की सराहना की। इस दौरान सहायक आचार्य संदीप कुमार, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के गुरविंदर सिंह, कुलदीप, ऋतिक राज, रेनू, सुनीता, आयुषी, सहित संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।

Girish Saini 

