उद्योग–शिक्षा साझेदारी से एमडीयू में शुरू होगा 2+1 कौशल-आधारित मॉडल

उद्योग–शिक्षा साझेदारी से एमडीयू में शुरू होगा 2+1 कौशल-आधारित मॉडल

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के पं. दीन दयाल उपाध्याय कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा केंद्र में कौशल विकास और उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में आयोजित एक बैठक में स्किल्ड इंडिया (कौशल भारत, कुशल भारत) और विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों के अनुरूप विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और उद्योग-तैयार बनाने पर फोकस किया गया।

बैठक में एमडीयू और आईएएससी सेक्टर स्किल काउंसिल, दिल्ली के बीच एमओयू करने पर सहमति बनी। इसके तहत आगामी शैक्षणिक सत्र से 2+1 वर्ष का नया कौशल-आधारित शैक्षणिक मॉडल शुरू करने की योजना है, जिसमें दो वर्ष का शैक्षणिक अध्ययन और एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप/अप्रेंटिसशिप शामिल होगी।

इस दौरान उद्योग–शिक्षा सहयोग को और मजबूत करने, इंटर्नशिप व अप्रेंटिसशिप के अवसर बढ़ाने तथा विद्यार्थियों में उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। आईएएससी सेक्टर स्किल काउंसिल की ओर से सीईओ ब्रजेश कुमार, इंस्टीट्यूट–इंडस्ट्री इंटरफेस प्रोग्राम के प्रमुख मयंक बंसल और स्किल डेवलपमेंट कमेटी-एफआईआई की संयुक्त निदेशक डॉ. विशिखा यादव बैठक में मौजूद रही। एमडीयू की ओर से आईक्यूएसी निदेशक प्रो. बी. नरसिम्हन, प्रो. राहुल ऋषि, पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ.सतीश मलिक, सीसीपीसी निदेशिका प्रो. दिव्या मल्हान सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक मौजूद रहे। बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रस्तावित एमओयू के अंतर्गत कौशल विकास, उद्यमिता, उद्योग-संलग्न प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों को संयुक्त रूप से लागू किया जाएगा।