अर्थशास्त्र विभाग में आत्मनिर्भर भारतः विकसित भारत की ओर विषय पर विस्तार व्याख्यान आयोजित
रोहतक, गिरीश सैनी। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आत्मनिर्भरता के साथ नवाचार, कौशल विकास, उद्यमिता, अनुसंधान और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देना जरूरी है। युवाओं की क्षमता और ज्ञान का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना होगा। यह बात जवाहरलाल नेहरू विवि (जेएनयू), नई दिल्ली के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ राजेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को एमडीयू के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा - आत्मनिर्भर भारतः विकसित भारत की ओर विषय पर आयोजित विस्तार व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए कही।
प्रो. राजेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए मजबूत मानव संसाधन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी क्षमता का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों से गुणवत्तापूर्ण एवं नीति-आधारित शोध के माध्यम से देश की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के समाधान में योगदान देने का आह्वान किया।
व्याख्यान के बाद प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने देश की अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भरता, रोजगार, तकनीकी विकास और अन्य समसामयिक आर्थिक मुद्दों से जुड़े सवाल पूछे। वक्ता ने व्यावहारिक और विस्तृत जवाब देते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं को शांत किया। विभागाध्यक्ष डॉ. जगदीप दहिया ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रो. रामफूल, डॉ. कोमल मलिक, डॉ. बिमला, डॉ. राजेश, डॉ. किरण, डॉ. अक्षु सहित शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
Girish Saini 

