विभाग की असली पूंजी हैं पूर्व छात्रः कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल

पीजीआईएमएस में पीडियाट्रिक्स लिगेसी कॉन्क्लेव आयोजित।

विभाग की असली पूंजी हैं पूर्व छात्रः कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल

रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के बाल रोग विभाग द्वारा आयोजित पीडियाट्रिक्स लिगेसी कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए एमडी/डीसीएच पूर्व छात्र, संकाय सदस्य और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया और विभाग की 60 वर्षों की समृद्ध विरासत का जश्न मनाया। कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बाल रोग विभाग ने रोगी देखभाल, शिक्षण-प्रशिक्षण और अनुसंधान में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई है। 60 वर्षों की यह यात्रा समर्पण, मेहनत और टीम भावना की कहानी है। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र किसी भी विभाग के मुख्य स्तंभ होते हैं। उनकी उपलब्धियां और योगदान आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते हैं।

कुलपति ने जोर देकर कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बदलते चिकित्सा परिदृश्य में बाल रोग विभाग की भूमिका और बढ़ गई है। हमें नवजात मृत्यु दर कम करनी है, कुपोषण से लड़ना है और नई बीमारियों के लिए तैयार रहना है।

प्रारंभ में शिशु रोग विभागाध्यक्ष एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने स्वागत संबोधन किया। उन्होंने कहा कि  पूर्व छात्रों की उपलब्धियां और योगदान भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने विभाग की भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।

बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. अंजलि वर्मा ने बताया कि विभाग ने स्नातकोत्तर प्रशिक्षण के 60 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने विभाग की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छह दशकों में विभाग ने नवजात शिशु देखभाल, पोषण, टीकाकरण और दुर्लभ बीमारियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।

निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि कॉन्क्लेव जैसे आयोजन पुराने और नए छात्रों के बीच सेतु का काम करते हैं। अनुभव साझा करने के साथ ही नेटवर्क बनता है और विभाग को नई दिशा मिलती है।

डॉ अंजली वर्मा ने बताया कि दोपहर में पुराने साथियों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और यादें ताजा कीं। हास्य कवि सम्मेलन ने माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया। कार्यक्रम का समापन वॉक डाउन मेमोरी लेन सत्र से हुआ, जहां पूर्व छात्रों ने अपनी छात्र जीवन की यादें, संघर्ष और उपलब्धियां साझा की।