शोध में एआई सहायक, शोधार्थी की सोच का विकल्प नहीं : प्रो. पंकज शर्मा

शोध लेखन की मौलिकता और एआई के नैतिक उपयोग पर जीजेयू में विस्तार व्याख्यान

शोध में एआई सहायक, शोधार्थी की सोच का विकल्प नहीं : प्रो. पंकज शर्मा

हिसार, गिरीश सैनी। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि में शोध लेखन में मौलिकता, शैक्षणिक ईमानदारी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के नैतिक उपयोग पर विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया।

सीडीएलयू, सिरसा के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. पंकज शर्मा ने कहा कि एआई उपकरण भाषा सुधारने, विचार व्यवस्थित करने और साहित्य खोजने में सहायक हैं, लेकिन वैज्ञानिक सोच, स्वतंत्र विश्लेषण और शोधार्थी की जवाबदेही का विकल्प नहीं बन सकते। उन्होंने शोधार्थियों से स्रोतों का सही उल्लेख करने, साहित्यिक चोरी से बचने तथा एआई का जिम्मेदारी से उपयोग करने का आह्वान किया।

अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विभागाध्यक्षा डॉ. प्रियंका सिंगला ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रश्नोत्तर सत्र में संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने भाग लिया। डॉ. साक्षी जैन ने आभार व्यक्त किया।