एमडीयू के पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी
100 पाठ्यक्रमों में 4000 सीटें उपलब्धः सुनित मुखर्जी
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स तथा एमडीयू-सीपीएएस, गुरुग्राम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातकोत्तर (पीजी), एलएलबी ऑनर्स तीन वर्षीय, बीपीएड, एम्प्लॉयबिलिटी एनहांसमेंट सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, एम्प्लॉयबिलिटी एनहांसमेंट सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, एमटेक प्रोग्राम्स, दो वर्षीय डीटीआईएसएल तथा डीआईएसएलआई पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इस प्रवेश प्रक्रिया के तहत 100 पाठ्यक्रमों में 4000 सीटें उपलब्ध है।
निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी ने बताया कि पीजी, एलएलबी ऑनर्स तीन वर्षीय, बीपीएड, सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा के 100 पाठ्यक्रमों की लगभग 4000 सीटों पर प्रवेश के लिए विद्यार्थी 28 जून तक विवि वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा।
सुनित मुखर्जी ने बताया कि यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स में संचालित पाठ्यक्रमों- एमए-एजुकेशन में 30, एमएड में 50, एमपीएड में 40, बीपीएड में 100, एमए अंग्रेजी में 60, एमए हिन्दी में 60, एमए पत्रकारिता एवं जनसंचार में 40, एमए संस्कृत में 75, एमए संगीत वोकल में 15, एमए म्यूजिक इंस्ट्रूमेंटल सितार में 15, एमए फाइन आर्ट्स ड्राइंग एंड पेंटिंग में 15, एमए योगा साइंस में 50, एमए डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज में 50, एमए इकोनॉमिक्स में 60, एमए ज्योग्राफी में 50, एमए हिस्ट्री में 70, एम.लिब एंड इंफॉर्मेशन साइंस में 45, एमए. पॉलिटिकल साइंस में 60, एमए साइकोलॉजी में 40, एमए लोक प्रशासन में 50, एमए सोशियोलॉजी में 50, एमएससी फोरेंसिक साइंस में 25, एलएलबीए आनर्स तीन वर्षीय में 120, एलएलएम में 30 तथा एलएलएम एसएफएस में 60 सीटें उपलब्ध हैं।
निदेशक जनसंपर्क ने बताया कि एमएससी-बायो इंफोर्मेटिक्स में 20, बायोटेक्नोलॉजी में 20, एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी में 20, मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी में 30, बायोकेमिस्ट्री में 40, बॉटनी में 40, एनवायरमेंटल साइंसेज में 35, एनवायरमेंटल बायोटेक्नोलॉजी में 20, फूड टेक्नोलॉजी में 20, जेनेटिक्स में 30, माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी में 20, माइक्रोबायोलॉजी में 25, जूलोजी में 40, मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी में 30, मास्टर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट में 40, एमबीए में 180 तथा एम.कॉम में 60 सीटें उपलब्ध हैं।
इसका अलावा एम.फार्मेसी- इंडस्ट्रियल फार्मेसी में 10, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री में 15, फार्माकोग्नोसी में 10, ड्रग रेगुलेटरी अफेयर्स में 10, एमएससी केमिस्ट्री में 90, एमसीए में 60, एमएससी-कंप्यूटर साइंस में 40, एमएससी कंप्यूटर साइंस-डाटा साइंस एंड मशीन लर्निंग में 40, एमटेक कंप्यूटर साइंस में 30, एमएससी गणित में 60, एमएससी गणित एफएफएस में 120, एमएससी फिजिक्स में 60, एमएससी स्टैटिसटिक्स में 50 सीटें, एमए हिन्दू स्टडीज में 30, एमबीए बिजनेस साइकोलॉजी में 60 सीटें तथा एमए-गाइडेंस एंड काउंसलिंग में 30 सीटें उपलब्ध हैं।
वहीं, एमटेक बायोटेक्नोलॉजी में 18, एमटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 24, एमटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 30, एमटेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग) में 24, एमटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में 18, एमटेक मैन्युफैक्चरिंग एंड ऑटोमेशन में 24, एमटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 24, एमटेक स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में 24, एमटेक पावर सिस्टम्स में 24 सीटें उपलब्ध हैं। वर्किंग प्रोफेशनल के लिए एमटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, पावर सिस्टम और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रत्येक में 15 सीटें उपलब्ध हैं।
एमडीयू-सीपीएएस, गुरुग्राम में एमबीए में 180, एमबीए एग्जीक्यूटिव इवनिंग में 30, एलएलबी आनर्स तीन वर्षीय में 120, एलएलएम शिफ्ट एक में 45 तथा एलएलएम शिफ्ट दो में 45 सीटें उपलब्ध हैं।
सुनित मुखर्जी ने बताया कि एम्प्लॉयबिलिटी एनहांसमेंट सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, एमटेक प्रोग्राम्स, दो वर्षीय डीटीआईएसएल (केवल डेफ के लिए) तथा डीआईएसएलआई (केवल हियरिंग के लिए) पाठ्यक्रमों समेत अन्य विस्तृत जानकारी विवि वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्ट्स से प्राप्त की जा सकती है।
Girish Saini 


