सिविल अस्पताल में बाहर की दवा लिखी तो डॉक्टरों पर होगी कार्रवाईः मीना परमार
महिला आयोग की उपाध्यक्षा ने किया अस्पताल का औचक निरीक्षण, पंखे दुरुस्त करने से लेकर शिकायत समिति बनाने के दिए निर्देश।
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्षा मीना परमार ने वीरवार को नागरिक अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में उपलब्ध सरकारी दवाइयां ही मरीजों को लिखी जाएं। बाहर की दवाइयां लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अपने एक दिवसीय रोहतक दौरे के दौरान मीना परमार ने बच्चों की ओपीडी, डिस्पेंसरी काउंटर, महिला शौचालय, प्रसव कक्ष और ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और उपचाराधीन महिलाओं से बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को सभी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें संतुष्ट करके अस्पताल से भेजा जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लोगों को सालाना पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिल रही है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी पंजीकरण काउंटर के खराब पंखों को तुरंत ठीक करवाने और कार्य समय में उन्हें चालू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और मरीजों के लिए बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
चिकित्सा अधीक्षक कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेते हुए मीना परमार ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण के लिए आंतरिक शिकायत समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों का विवरण अस्पताल के तीन प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके।
इस दौरान एसडीएम आशीष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. कमला वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, भाजपा जिला महामंत्री नितिन जैन सहित स्वास्थ्य विभाग और महिला आयोग के अधिकारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

