2026 के 'प्रो. रामसजन पांडेय स्मृति सम्मान' से अलंकृत होंगे आचार्य रवि कुमार 'अनु'

2026 के 'प्रो. रामसजन पांडेय स्मृति सम्मान' से अलंकृत होंगे आचार्य रवि कुमार 'अनु'

अमृतसर, 21 सितम्बर, 2026: गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के हिंदी-विभाग द्वारा ख्यातिलब्ध आलोचक एवं मूल्यधर्मी साहित्यकार प्रोफ़ेसर रामसजन पांडेय की पुण्य स्मृति में इस बार का 'प्रो. रामसजन पांडेय स्मृति सम्मान-2026' पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला के हिंदी-विभाग के सेवानिवृत्त आचार्य एवं अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार 'अनु' को उनके दीर्घकालीन सृजन एवं शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर दिये जाने की विधिवत घोषणा की गयी है।

विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि प्रो. रवि कुमार 'अनु' ने अपने रचनाओं, आलोचना-साहित्य और अध्यापकीय कर्म से हिंदी भाषा और साहित्य को समृद्ध किया है। वे प्रो. रामसजन पांडेय के आत्मीय जनों में से एक रहे हैं। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के हिंदी-विभाग द्वारा अभी तक वर्ष 2023 का सम्मान हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के चांसलर पद्मश्री प्रो. हरमहेंद्र सिंह बेदी, वर्ष 2024 का सम्मान बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी के हिंदी-विभाग के सेवानिवृत्त आचार्य एवं अध्यक्ष डॉ. सुधाकर सिंह और वर्ष 2026 का सम्मान डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष आचार्य हौसिला प्रसाद सिंह को प्रदान किया जा चुका है।

प्रो. सुनील कुमार के अनुसार प्रो. रामसजन पांडेय आजीवन भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़े साधक रहे हैं। उनका सदैव ये मानना था कि हिन्दी में रस है, माधुर्य है, भाव और संवेदना है, ज्ञान और विज्ञान है, दर्शन है, संपूर्ण विश्व के लिए हिन्दी भारत की अनुपम देन है। वे निष्काम कर्मयोगी थे। वे व्यक्ति नहीं एक संस्थान थे। सनातन संस्कृति के शिखर पुरुष थे। संत साहित्य के मर्मज्ञ विद्वान थे, युगपुरुष थे। हिंदी विभाग द्वारा 'हिंदी पखवाड़ा' के अंतर्गत 28 सितंबर, 2026 को आयोजित किए जा रहे पंजाब प्रांत के लब्धप्रतिष्ठित हिंदी रचनाकारों के भव्य सम्मान-समारोह में आचार्य रवि कुमार 'अनु' को उक्त सम्मान से विभूषित किया जाएगा।