सीएम विंडो की शिकायतें लंबित मिलीं तो होगी जवाबदेही

मंडलायुक्त ने जनता की समस्याओं का समयबद्ध निपटारा करने के निर्देश दिए।

सीएम विंडो की शिकायतें लंबित मिलीं तो होगी जवाबदेही

रोहतक, गिरीश सैनी। रोहतक की मंडल आयुक्त मोनिका मलिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने सीएम विंडो और जनसंवाद पोर्टल पर लंबित शिकायतों को जल्द निपटाने तथा अधिकारियों को इनकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

लघु सचिवालय स्थित सभागार में मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडल आयुक्त ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों का यथाशीघ्र निपटारा किया जाए तथा जमाबंदी और इंतकाल समय पर दर्ज हों। संपत्ति पंजीकरण की टोकन प्रक्रिया की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यमुना में प्रदूषण रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए मोनिका मलिक ने कहा कि ड्रेन नंबर-8 और केसीबी ड्रेन में शोधन के बाद ही पानी छोड़ा जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो एसटीपी स्थापित करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएं। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रबंध करने को कहा। कन्हेली में स्थापित डेयरी परिसर में शेष डेयरियों को भी स्थानांतरित करवाने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने कहा कि भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए शहरी क्षेत्र में जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के प्रस्ताव पर कार्य किया जा रहा है। नागरिकों को पर्याप्त और शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं। सोनीपत रोड स्थित खुले वाटर चैनल को कवर कर पानी को वाटर वर्क्स तक पहुंचाया जाएगा।

अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में रोहतक ग्रामीण क्षेत्र को उत्तर क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान मिला है। समचाना और जसिया में 166 पात्र परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लाट दिए गए हैं, जिनमें 163 की रजिस्ट्री हो चुकी है। खरावड़ में बायोगैस संयंत्र स्थापित किया गया है।

इस दौरान सांपला की एसडीएम अंकिता पुवार, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, महम के एसडीएम विपिन कुमार, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मंजीत कुमार एवं नमिता कुमारी, रोहतक सहकारी चीनी मिल की एमडी श्वेता सुहाग, नगराधीश शुभम, डीडीपीओ राजपाल चहल, डीआरओ सुशील, सहित अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।