दोआबा साहित्य एवं कला अकादमी द्वारा विशेष आयोजन

शानदार समारोह में हुआ डा.जवाहर धीर पर लिखी पुस्तक का विमोचन

दोआबा साहित्य एवं कला अकादमी द्वारा विशेष आयोजन
दोआबा साहित्य एवं कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ जवाहर धीर के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं टी.डी. चावला,डा.अजय शर्मा, धर्म पाल साहिल,डा.यश चोपड़ा,डा.विनोद शर्मा व अन्य।

डा.धर्म पाल साहिल ने संपादित की है पुस्तक
फगवाड़ा: दोआबा साहित्य एवं कला अकादमी की विशेष सभा पंजाब के शिरोमणि साहित्यकार डा.अजय शर्मा की अध्यक्षता में गत सांय आर्य माडल सी.सै.स्कूल, गौशाला रोड में आयोजित की गई। अकादमी के संरक्षक टी.डी. चावला के संरक्षण में हुए समारोह में प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ धर्म पाल साहिल द्वारा फगवाड़ा के प्रसिद्ध साहित्यकार डा.जवाहर धीर के पचपन बर्ष के लेखन एवं सामाजिक और धार्मिक क्षेत्रों में किए काम को लेकर एक ग्रंथ का सम्पादन किया है।'डा.जवाहर धीर: साहित्य गगन का ध्रुवतारा' नाम के इस ग्रंथ में डा.धीर द्वारा गई पुस्तकों एवं उनके व्यक्तित्व पर देशके 75 लेखकों ने लेख लिखे हैं तथा डा.जवाहर धीर की अब तक की प्राप्तियों पर चित्र भी प्रकाशित हुए हैं।
        समारोह को संबोधित करते हुए डा.धर्म पाल साहिल ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मैं डा.जवाहर धीर के लेखन एवं व्यक्तित्व पर एक ग्रंथ का सम्पादन कर पाया। शोधकर्ताओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण ग्रंथ सिद्ध होगा और बहुत से लोग उनके बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के प्रमुख डा.विनोद कुमार शर्मा ने डा.धीर द्वारा लिखीं पुस्तकों पर एक कविता पढ़ी और कहा कि मुझे खुशी है कि मुझे इस शख़्सीयत पर कुछ लिख पाया हूं। कवि दिलीप कुमार पाण्डेय ने डा.जवाहर धीर का बहुत सुंदर ढंग से परिचित करवाते हुए उनकी हिंदी -पंजाबी की प्रकाशित सत्रह पुस्तकों की भी जानकारी दी।
        अपने अध्यक्षीय भाषण में डा.अजय शर्मा ने डा.धीर पर उनसे जुड़े संस्मरणों का जिक्र करते हुए कहा कि डा.धीर सिर्फ एक सफल साहित्यकार ही नहीं हैं बल्कि वे एक जमीन और जागरूकता से जुड़े इंसान भी हैं। उनका लेखन आम लोगों की समस्याओं और समाज में जागरूकता लाने से जुड़ा रहा है।डा.अजय शर्मा ने आगे कहा कि अभी आपके लेखन का मुकाम नहीं है और लिखना जारी रखना है। अकादमी के संरक्षक टी.डी. चावला ने डा.धीर के अपने साथ पिछले लगभग साठ सालों की यादों को साझा किया और कहा कि डा.धीर ने निरंतर साधना करके वो स्थान हासिल किया है जो हर किसी के भाग्य में नहीं होता। मैं आशा करता हूं कि वे हिंदी पंजाबी साहित्य को निरंतर समृद्ध करते रहेंगे। इस अवसर पर डा.जवाहर धीर ने कहा कि मुझे दिया गया सम्मान मैं साथी साहित्यकारों और फगवाड़ा नगर के प्रबुद्ध नागरिकों को समर्पित करता हूं, जिन्होंने मुझे हमेशा प्यार और सहयोग दिया है प्रसिद्ध योग शिक्षक एवं आर्य समाज के सचिव डा.यश चोपड़ा ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ साथ डा.धीर के साहित्यिक, सामाजिक,, सांस्कृतिक एवं धार्मिक क्षेत्रों में किए गए कार्यों को भी सराहा। समारोह को पूर्व नगर कौंसिल अध्यक्ष मलकीत सिंह रघवौत्रा,प्रो.सरला भारद्वाज,प्रि.प्रोमिला अरोड़ा, निरवैर सिंह नंधा ने भी संबोधित किया। राजेश अध्याय ने बेहतरीन मंच संचालन किया।
         समारोह के अंत में माननीय अतिथियों को तोहफे भेंट करके सम्मानित किया गया तथा सभी को एक एक पेन भेंट किया गया।समारोह के प्रारंभ में शायर हरचरण भारती,आर. एल. जस्सी,निरवैर सिंह नंधा, रविन्द्र सिंह राय, जतिंद्र गुप्ता और नीरू ग्रोवर पर्ल ने कविता और गीत गाकर समां बांध दिया। इस अवसर पर उपस्थित शख्सियतों में आर्य माडल स्कूल के प्रबंधक सुरिन्द्र चोपड़ा,सीनियर सिटीज़ंस कौंसिल के अध्यक्ष गिरधारी लाल गेरा,ओम प्रकाश कमल, चारु दत्त सुधीर,जस सिंह,विपन जैन, ब्रह्म दत्त,कुलविंद्र सिंह,राजेश अध्याय आदि शामिल हैं ।