एमडीयू में विकसित होगा स्टार्टअप और इनोवेशन का मजबूत इकोसिस्टमः वीसी प्रो. मिलाप पूनियाँ

शोधार्थियों और विद्यार्थियों को जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनाने पर रहेगा फोकस।

एमडीयू में विकसित होगा स्टार्टअप और इनोवेशन का मजबूत इकोसिस्टमः वीसी प्रो. मिलाप पूनियाँ

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में नवाचार, स्टार्टअप तथा उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समग्र योजना एवं प्रभावी नीति तैयार की जाएगी। विवि के शोधार्थियों और विद्यार्थियों को उद्यमी तथा जॉब क्रिएटर बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे। ये विचार  कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीआईआईई) के तत्वावधान में आयोजित बैठक में व्यक्त किए।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारत सरकार तथा हरियाणा प्रदेश की स्टार्टअप नीतियों के प्रावधानों को समाहित करते हुए विवि की अपनी स्टार्टअप एवं इनोवेशन नीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उद्यमिता का सशक्त इकोसिस्टम विकसित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि युवा रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाले बन सकें।

उन्होंने जानकारी दी कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विवि में प्रतिष्ठित उद्यमियों, सफल स्टार्टअप क्रिएटर्स एवं इनोवेटर्स को आमंत्रित कर विद्यार्थियों और शोधार्थियों का मार्गदर्शन कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और नई सोच विकसित करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान ने कहा कि विवि में उद्यमिता जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ नवाचारी परियोजनाओं के लिए फैकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

निदेशक आईक्यूएसी प्रो. बी. नरसिम्हन, डीन (आर एंड डी) प्रो. हरीश दुरेजा, प्रो. संदीप मलिक, प्रो. राजेश पूनिया, प्रो. के.के. शर्मा, डॉ. राजीव कुमार कपूर तथा प्रो. राहुल ऋषि ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव एवं विचार साझा किए। बैठक में अतिरिक्त निदेशक सीआईआईई प्रो. सीमा सिंह, उपनिदेशक डॉ. दीपक छाबड़ा, सहायक निदेशक डॉ. विपिन सैनी तथा निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।