बच्चों, महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए बहुआयामी कार्यक्रमः डीसी सचिन गुप्ता

रोहतक जिले के 531 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाएं स्थापित।

बच्चों, महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए बहुआयामी कार्यक्रमः डीसी सचिन गुप्ता

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से जिला में बच्चों, महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए बहुआयामी कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है। विभाग की अभिनव पहलों से रोहतक जिला पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में मॉडल जिला बनकर उभरा है।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने महिला एवं बाल विकास विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी मैम बच्चों के पोषण के स्तर को सुधार कर सामान्य बच्चों में शामिल करें। उन्होंने कहा कि सुपोषण रोहतक-स्मार्ट पोषण मिशन के अंतर्गत जिला के सभी 1004 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 21 हजार 948 बच्चों, 11 हजार 391 गर्भवती महिलाओं तथा 5 हजार 256 धात्री माताओं का विवरण पोषण ट्रैकर मोबाइल ऐप पर दर्ज किया गया है। इससे लाभार्थियों की नियमित निगरानी एवं पोषण संबंधी सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।

उपायुक्त ने कहा कि जिला के 531 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाएं स्थापित की गई हैं, जहां पालक, गाजर एवं अन्य मौसमी सब्जियां उगाई जा रही हैं। आंगनबाड़ी प्लस-मॉडल प्रारंभिक शिक्षा केंद्र पहल के तहत जिला के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौनों, पहेलियों और रंगीन चार्ट के साथ विशेष शिक्षण कोने विकसित किए गए हैं। जिला में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निर्धारित वार्षिक प्री-स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

उपायुक्त ने कहा कि बचपन चौपाल के माध्यम से विभाग द्वारा 23 हजार 564 अभिभावकों से संवाद स्थापित किया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सभी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करें। किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे नारी शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत 6 हजार 580 किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी प्रशिक्षण दिया गया तथा 29 आंगनबाड़ी केंद्रों में सेनेटरी पैड इन्सिनेरेटर मशीनों की स्थापना कर उनके उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा रोहतक-सुरक्षित महिला, सुरक्षित बच्चा अभियान के अंतर्गत सभी 1004 आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल संरक्षण एवं पॉक्सो अधिनियम संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी केंद्रों पर हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं 181 प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों को वन स्टॉप सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं बारे जागरूक करें।

उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने के दृष्टिगत जिला के सभी 1004 आंगनबाड़ी केंद्रों में चित्रकला, कहानी वाचन, गीत एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रोहतक स्थित महिला आश्रम एवं विधवा-निराश्रित गृह में वर्तमान में 29 परिवारों के 45 सदस्य निवास कर रहे हैं। आश्रित महिलाओं को सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार वित्तीय सहायता, आवास, बिजली, पानी, चिकित्सा सुविधा तथा बच्चों की शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार हेतु सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण एवं अन्य कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है।

उपायुक्त ने कहा कि जिला में गत अगस्त 2024 माह से दत्तक ग्रहण केंद्र (एडॉप्शन सेंटर) संचालित है। अब तक इस केंद्र में 14 बच्चों में से 11 बच्चों को इच्छुक परिवारों को गोद दिया जा चुका है तथा एक बच्चे को उपायुक्त सचिन गुप्ता द्वारा इच्छुक परिवार को गोद दिया गया। अब इस दत्तक ग्रहण केंद्र में दो बच्चे निशुल्क गोद लेने के लिए उपलब्ध है। उन्होंने जिला में बाल देखरेख केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की तथा विभिन्न मामलों की समीक्षा की।

इस दौरान सहायक आयुक्त प्रशिक्षु विशाल सिंह, विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी, संरक्षण अधिकारी करमेंद्र कौर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह, सीडीपीओ राजकला, डिंपल, दीपिका, जिला समन्वयक रिंकू कुमारी, निहारिका सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।